Chief Minister Yogi Adityanath holding a meeting with World Bank officials to discuss the UP-AGE economic development project for Purvanchal

पूर्वांचल के विकास के लिए 2500 करोड़ की ‘यूपी-एज’ परियोजना

पूर्वांचल की तस्वीर बदलेगी 2500 करोड़ की ‘यूपी-एज’ (UP-AGE) परियोजना: विश्व बैंक के साथ योगी सरकार का मेगा प्लान, 1 लाख नए उद्यमों का लक्ष्य”

लखनऊ: संतोष सेठ की रिपोर्ट :  (THE POLITICS AGAIN)

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई ऊंचाई देने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है।

राज्य सरकार ने विश्व बैंक (World Bank) के सहयोग से ‘यूपी-एज’ (उत्तर प्रदेश सक्षम जिला-आधारित आर्थिक विकास – UP-AGE) परियोजना शुरू करने का ऐलान किया है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वांचल के 28 जिलों के स्थानीय संसाधनों को निवेश, रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक निर्यात के बड़े अवसरों में तब्दील करना है।

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्व बैंक के उच्चाधिकारियों के बीच हुई एक अहम बैठक में इस मेगा प्रोजेक्ट के विभिन्न प्रस्तावित घटकों पर विस्तार से मंथन किया गया।

क्या है ‘यूपी-एज’ परियोजना और इसका बजट?

विश्व बैंक के प्रैक्टिस मैनेजर हून सोह और शीर्ष अर्थशास्त्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में बताया गया कि यह परियोजना मुख्य रूप से पूर्वांचल के 28 जिलों के लिए तैयार की गई है, लेकिन इसमें बुंदेलखंड के 7 जिलों को भी शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

  • बजट और अवधि: इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 2,500 करोड़ रुपये है और इसे 5 साल की अवधि में लागू किया जाएगा।

  • अब इस परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट (PPR) अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजी जा रही है।

पूर्वांचल पर विशेष फोकस क्यों?

बैठक में रखे गए आंकड़ों ने इस परियोजना की सख्त जरूरत को रेखांकित किया:

  • पूर्वांचल क्षेत्र में राज्य की करीब 40 प्रतिशत आबादी निवास करती है, लेकिन यूपी की जीडीपी (GDP) में इसका योगदान मात्र 27.6 प्रतिशत है।

  • इस क्षेत्र की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) राज्य के औसत से करीब 45 प्रतिशत कम है।

  • यहां का लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल आज भी केवल कृषि क्षेत्र पर निर्भर है।

सीएम योगी के निर्देश: ओडीओपी (ODOP) और 1 लाख नए उद्यमों पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि पूर्वांचल में विकास की अपार संभावनाएं हैं। कृषि के साथ-साथ अब विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र की भूमिका को भी बढ़ाना होगा।

  • 1 लाख नए उद्यम: परियोजना के तहत करीब एक लाख नए उद्यम (Enterprises) विकसित करने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

  • वैश्विक बाजार से जुड़ाव: सीएम ने ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) और अन्य स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन व पैकेजिंग के साथ ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

  • कौशल विकास व मेडिसिटी: पर्यटन, ई-कॉमर्स और डेटा सेंटर के साथ-साथ वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य पर्यटन और ‘मेडिसिटी’ (Medicity) की संभावनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

यह 2500 करोड़ रुपये की परियोजना पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है, जो पलायन रोककर स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और आय के नए स्रोत पैदा करेगी।