यूपी: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, शोक की लहर
यूपी की सियासत में शोक की लहर: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का कैंसर से निधन, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के वरिष्ठ नेता और यूपी विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताया गहरा दुख उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
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अपूरणीय क्षति: अपने शोक संदेश में महाना ने कहा कि उमाशंकर सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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सादगी और जनसेवा: उन्होंने कहा कि उमाशंकर जी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अपने क्षेत्र के विकास और जनता के हितों के लिए उनका समर्पण, उनकी सादगी और सहजता हमेशा याद रखी जाएगी।
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कैंसर से संघर्ष: सतीश महाना ने भावुक होते हुए कहा,
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“कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष करते हुए भी उमाशंकर सिंह ने अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। उनका निधन संपूर्ण विधानसभा परिवार के लिए अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। ऊं शान्तिः।”
अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर प्रकट किया शोक
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“बलिया की रसड़ा विधानसभा से बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि!”
उमाशंकर सिंह रसड़ा क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ और जनता के बीच अपनी मिलनसार छवि के लिए जाने जाते थे। उनके जाने से बलिया समेत पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।











