जौनपुर: राज्यमंत्री गिरीश चंद्र की पहल, 7 मरीजों को 7.20 लाख की मदद
जौनपुर: राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव की पहल लाई रंग, 7 गंभीर मरीजों को मिली 7.20 लाख की संजीवनी”
जौनपुर (उत्तर प्रदेश): द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चंद्र यादव की एक सार्थक पहल से जौनपुर जनपद के सात गंभीर और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
राज्यमंत्री के प्रयासों से इन मरीजों के बेहतर उपचार के लिए ‘मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष’ से कुल 7 लाख 20 हजार 150 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
राज्यमंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि यह स्वीकृत धनराशि सीधे संबंधित चिकित्सा संस्थानों (अस्पतालों) को भेजी गई है, ताकि मरीजों का इलाज बिना किसी आर्थिक बाधा के सुचारू रूप से चल सके।
इन 7 मरीजों को मिली उपचार के लिए आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जिन सात जरूरतमंद मरीजों को सहायता राशि प्रदान की गई है, उनका विवरण इस प्रकार है:
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इन्द्रावती देवी (बंजारेपुर): बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इलाज के लिए 1 लाख रुपये।
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शैलेन्द्र यादव (शेखपुर सुतौली): केजीएमयू/गांधी मेमोरियल एंड एसोसिएट हॉस्पिटल, लखनऊ के लिए 1 लाख रुपये।
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रामकिशुन पाल (पाल्हामऊ खुर्द): बीएचयू के लिए 95 हजार 150 रुपये।
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रतना देवी (डेरामुआयना, कुरचनपुर): बीएचयू में उपचार के लिए 1 लाख रुपये।
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रामजीत यादव (शेखपुर अशरफपुर): संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) लखनऊ के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये।
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निखिल राय (वाजिदपुर उत्तरी): बीएचयू के लिए 1 लाख रुपये।
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सविता (गरोठन): डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के लिए 75 हजार रुपये।
“हमारी सरकार गरीबों और मजलूमों की सरकार है”
इस अवसर पर राज्यमंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि उनके कार्यालय में आने वाले किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज का सरकार पूरा सहयोग कर रही है।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार गरीबों, मजलूमों और जरूरतमंदों की सरकार है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की तर्ज पर सभी की सहायता की जा रही है।”
इस बड़ी आर्थिक मदद के मिलने पर लाभान्वित मरीजों के परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यमंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव और प्रदेश सरकार के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है और राहत की सांस ली है।











