Uttar Pradesh

यूपी: किसानों को बड़ी राहत; गेहूं खरीद के लिए ‘किसान रजिस्ट्री’ अनिवार्य नहीं

यूपी के किसानों को बड़ी राहत: गेहूं खरीद के लिए ‘किसान रजिस्ट्री’ की अनिवार्यता खत्म, CM योगी का आदेश

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं बेचने वाले किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए सरकारी खरीद के नियमों में अहम बदलाव किया है।

अब राज्य के किसान बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या ‘किसान रजिस्ट्री’ के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेच सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को आ रही परेशानियों का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

बिचौलियों से बचाने के लिए लिया गया फैसला

इस साल की शुरुआत में सरकारी केंद्रों पर एमएसपी (MSP) पर गेहूं बेचने के लिए किसानों की पहचान और फसल सत्यापन की डिजिटल प्रक्रिया ‘किसान रजिस्ट्री’ को अनिवार्य कर दिया गया था।

इस जटिल प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में किसान अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। मजबूरी में उन्हें अपनी फसल बिचौलियों को औने-पौने और कम दामों पर बेचनी पड़ रही थी।

किसानों की इस समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और नियमों में बड़ी ढील दी। नए आदेश के तहत अब किसान पहले की तरह ही सीधे खरीद केंद्रों पर जाकर आसानी से अपना गेहूं बेच सकेंगे।

भीषण गर्मी में सुविधाओं के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया है कि खरीद केंद्रों पर आने वाले किसी भी किसान को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।

राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खरीद केंद्रों पर पेयजल, पंखे, छाया और बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

अब तक हुई 2.38 लाख मीट्रिक टन की खरीद

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 20 अप्रैल सुबह 11 बजे तक पूरे राज्य में 42,000 से अधिक किसानों से 2.38 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

राज्य भर में स्थापित 5,400 से अधिक खरीद केंद्रों पर अब तक 4.77 लाख से अधिक किसान गेहूं बिक्री के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं।

सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। ‘किसान रजिस्ट्री’ की अनिवार्यता खत्म होने से गेहूं खरीद की पूरी प्रक्रिया न सिर्फ तेज और सरल हो जाएगी, बल्कि इससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश में गेहूं खरीद अपने निर्धारित लक्ष्य से भी आगे निकल सकती है।

Santosh SETH

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