UP ATS का खुलासा: ISI के इशारे पर 5 हिंदू नेताओं का गला रेतने की थी साजिश, 2 संदिग्ध अरेस्ट
यूपी एटीएस का बड़ा खुलासा: ISI के इशारे पर 5 हिंदू नेताओं का गला रेतने की थी खौफनाक साजिश, 3 लाख में तय हुई थी ‘सुपारी’
नोएडा/लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) ने भारत में खून-खराबा करने और दहशत फैलाने की एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है।
एटीएस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स और खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के संपर्क में रहने वाले संदिग्ध आतंकियों ने भारत के 5 प्रमुख हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की खौफनाक साजिश रची थी।
इतना ही नहीं, दहशत फैलाने के लिए इन नेताओं के घरों पर ग्रेनेड से हमला करने का भी प्लान था।
एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में इस पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है।
अब एटीएस शुक्रवार से आरोपियों को 6 दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर इस आतंकी नेटवर्क की और गहराई से जांच करेगी।
ATS की गिरफ्त में दो संदिग्ध:
तुषार और समीर यूपी एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से एक बड़े ऑपरेशन के तहत दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था:
तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान: मूल रूप से बागपत का रहने वाला तुषार वर्तमान में मेरठ में रह रहा था।
समीर: एटा का मूल निवासी समीर वर्तमान में दिल्ली में रहकर इस नेटवर्क को चला रहा था।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और खूंखार अपराधियों से थे जुड़े
ये दोनों संदिग्ध भारत में पाकिस्तानी आतंकी सिंडिकेट के ‘स्लीपर सेल’ के रूप में काम कर रहे थे। ये सीधे तौर पर पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई (ISI) एजेंटों—मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती और आबिद जट के सीधे संपर्क में थे।
निशाने पर थे ये 5 हिंदूवादी नेता
एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी ने ‘आबिद जट’ के माध्यम से तुषार और समीर को पांच प्रमुख हिंदू नेताओं की हत्या का टास्क (Target) सौंपा था। जिनकी हत्या की जानी थी, वे हैं:
दक्ष चौधरी
अभिषेक ठाकुर
पिंकी चौधरी
युद्धि राणा
गौरव राजपूत
प्लान के मुताबिक, इन नेताओं की गला रेतकर निर्मम हत्या करनी थी और उनके घरों पर ग्रेनेड फेंकने थे, ताकि देश में भारी दहशत फैलाई जा सके।
3 लाख रुपये की सुपारी और दुबई भागने का था प्लान
इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी हैंडलर्स ने पूरी फंडिंग और भागने (Escape) का प्लान भी तैयार कर रखा था।
तुषार और समीर को इन पांच हत्याओं के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था।
उन्हें आश्वस्त किया गया था कि हत्याओं के तुरंत बाद उनके फर्जी पासपोर्ट बनवाकर उन्हें दुबई भेज दिया जाएगा और वहीं सेटल कर दिया जाएगा, ताकि भारत की कोई भी जांच एजेंसी उन तक न पहुंच सके।
एक्स-मुस्लिमों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर दी थी जान से मारने की धमकी
इन संदिग्धों के निशाने पर केवल हिंदू नेता ही नहीं, बल्कि ‘एक्स-मुस्लिम’ (जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया है) भी थे।
एटीएस की जांच और कॉल रिकॉर्डिंग से पता चला है कि तुषार और समीर ने एक्स-मुस्लिम इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर और सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया के जरिए कॉल की थी।
इस कॉल में कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी भी जुड़ा था, जिसने इन सभी को जान से मारने की धमकियां दी थीं।
आतंकियों को 6 दिन की पुलिस रिमांड
इस गहरी और खतरनाक साजिश की तह तक पहुंचने और अन्य स्लीपर सेल का पता लगाने के लिए एटीएस ने एनआईए (NIA) की विशेष अदालत में आरोपियों की रिमांड अर्जी दाखिल की थी।
बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश नीतू पाठक ने दोनों आरोपियों की छह दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है। अब एटीएस इनसे पूछताछ कर कई और बड़े खुलासे कर सकती है।
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