Akhilesh Yadav addressing a press conference at Samajwadi Party headquarters in Lucknow.

यूपी विधानसभा सत्र: अखिलेश का तंज, भाजपा सरकार बस 4 दिन की

यूपी विधानसभा सत्र पर अखिलेश यादव का बड़ा तंज: “भाजपा सरकार अब सिर्फ 4 दिन की बची है”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत से पहले ही मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

 

लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि भाजपा सरकार अब सिर्फ चार दिन की ही बची है, इसीलिए विधानसभा सत्र भी केवल चार दिन के लिए ही आयोजित किया जा रहा है।

अखिलेश ने बताया 4 दिन के सत्र का ‘एजेंडा’

सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इन चार दिनों की कार्यवाही का अपने अंदाज में खाका खींचा:

  • पहला दिन: भाजपा सरकार पहले दिन को सिर्फ श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी।

  • दूसरा दिन: अयोध्या के राम मंदिर में हुई सुनियोजित चंदा चोरी के महापाप से अपना पल्ला झाड़ने और जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालने में बीतेगा।

  • तीसरा दिन: प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हो रहे भारी छात्र आंदोलनों के सवालों से बचने में निकल जाएगा।

  • चौथा दिन: एक दुखी मां के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर, जल्दी से सत्र खत्म करने की घोषणा करने में निकाल दिया जाएगा।

विधानसभा में इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी सपा

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा विधायक सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज उठाएंगे।

  • सत्र के दौरान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, एक्सप्रेस-वे की बदहाली और बढ़ती बिजली दरों के मुद्दे पर सरकार से कड़े जवाब मांगे जाएंगे।

  • राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

  • जौहर विश्वविद्यालय को ढहाने को लेकर भी सरकार को घेरा जाएगा। अखिलेश ने वादा किया कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो एक और बेहतर ‘जेपीएनआईसी’ (JPNIC) बनाया जाएगा।

  • उन्होंने कहा कि भाजपा की यह ‘चलाचली की बेला’ है। उन्हें पता है कि वे सत्ता में वापस नहीं लौटेंगे, इसीलिए वे विधानसभा को महत्व न देकर सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं।

पीडीए (PDA) ऑडिट-4: 26 हजार स्कूल बंद होने पर घेरा

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पीडीए ऑडिट-4’ जारी करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

  • उन्होंने बताया कि प्रदेश में 26 हजार सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जिससे पिछड़े, दलित और आदिवासी (PDA) समाज के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

  • स्कूलों के मर्जर (विलय) की वजह से 28 लाख बच्चों का नामांकन घट गया है।

  • सरकार ने नई भर्तियां रोक दी हैं, जिससे सरकारी नौकरियां खत्म हो गई हैं। स्कूलों में 62 हजार से ज्यादा शिक्षकों की संख्या घटी है, जबकि अभी भी 81 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।