एपीडा के प्रयासों से मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की शान, जीआई टैग वाले 'रीवा सुंदरजा' आमों की पहली वाणिज्यिक खेप सफलतापूर्वक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजी गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ है।
विंध्य की मिठास पहुंची सात समंदर पार: जीआई टैग वाले ‘रीवा सुंदरजा’ आम का UAE को पहला कमर्शियल निर्यात, किसानों को हुआ भारी मुनाफा”
नई दिल्ली/रीवा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत के विशिष्ट कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन ‘कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण’ (एपीडा – APEDA) की मदद से मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध और भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाले ‘रीवा सुंदरजा’ (Rewa Sundarja) आमों का पहला वाणिज्यिक निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को किया गया है।
26 जून 2026 को इस ऐतिहासिक निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाने के लिए एक विशेष ध्वजारोहण समारोह भी आयोजित किया गया।
एपीडा ने पिछले कई महीनों से मध्य प्रदेश सरकार के बागवानी विभाग, स्थानीय निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के साथ मिलकर इस उत्कृष्ट किस्म के आम के निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित करने का काम किया। इसके परिणामस्वरूप UAE में एक खरीदार की पहचान हुई।
निर्यातक: मेसर्स साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड
मात्रा: पहली वाणिज्यिक निर्यात खेप में कुल एक मीट्रिक टन (1000 किलो) आम शामिल थे।
निर्यात के लिए उच्च गुणवत्ता वाले ये आम मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ निवासी प्रगतिशील किसान श्री सोनू गुप्ता और ‘ओन्धा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ से प्राप्त किए गए थे।
आमों की कटाई अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुसार की गई। इसके बाद इन्हें उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित त्रिसागर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के पैक हाउस में लाया गया, जहां इनकी ग्रेडिंग, छंटाई और निर्यात-योग्य पैकेजिंग की गई।
अंत में, वाराणसी हवाई अड्डे से हवाई मार्ग द्वारा इस खेप को संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया।
इस व्यावसायिक निर्यात का सबसे बड़ा फायदा रीवा क्षेत्र के आम उत्पादकों को हुआ है।
स्थानीय बाजार का भाव: 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम
निर्यातकों द्वारा खरीद मूल्य: 150 रुपये प्रति किलोग्राम इस प्रकार, किसानों को प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपये का सीधा अतिरिक्त मुनाफा हुआ है।
यह पहल दर्शाती है कि निर्यात-उन्मुख होने से किसानों की आय में कितनी तेजी से वृद्धि हो सकती है।
भौगोलिक संकेत (GI) का दर्जा प्राप्त ‘रीवा सुंदरजा’ आम अपनी अनूठी खूबियों के कारण देश-दुनिया में प्रसिद्ध है:
असाधारण मिठास और विशिष्ट स्वाद
भरपूर प्राकृतिक सुगंध
रेशे रहित (Fiberless) गूदा, जो इसे खाने में बेहद स्वादिष्ट बनाता है।
इस सफल निर्यात ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्षेत्र-विशिष्ट कृषि उत्पादों को एक अलग पहचान दिलाने में जीआई (GI) पंजीकरण के महत्व को फिर से साबित कर दिया है।
वाणिज्यिक निर्यात की इस शुरुआत से मध्य प्रदेश अब उत्कृष्ट किस्म के आम निर्यात के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित होगा, जिससे भविष्य में किसानों के लिए आय के नए द्वार खुलेंगे।
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