हिमाचल / चंबा में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी बोलेरो, 7 लोगों की मौत
हिमाचल के चंबा में भीषण सड़क हादसा: 500 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, मुंडन से लौट रहे 7 लोगों की दर्दनाक मौत”
चंबा (हिमाचल प्रदेश): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। वीरवार को चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
इस भीषण हादसे में वाहन में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस মর্মান্তিক घटना के बाद पूरे क्षेत्र और विशेषकर मृतकों के गांव में मातम की लहर दौड़ गई है।
मुंडन संस्कार की खुशियां बदलीं मातम में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो (HP-01C-2581) में चालक सहित कुल सात लोग सवार थे।
इनमें ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के छह लोग (तीन महिलाएं और तीन पुरुष) शामिल थे। यह सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे।
वहां से खुशी-खुशी अपने घर लौटते समय छतरूंड के पास गाड़ी से चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन सीधे 500 मीटर गहरी खाई में जा समाया।
कड़ी मशक्कत के बाद निकाले गए शव
हादसे की भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई।
गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने सभी सात शवों को खाई से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
स्थानीय प्रशासन ने इस भीषण हादसे की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दुर्घटना सड़क की खराब स्थिति, वाहन की तेज गति या फिर किसी तकनीकी (यांत्रिक) खराबी के कारण हुई। इस दर्दनाक हादसे ने सपरोठ पंचायत के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पहाड़ी रास्तों पर सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
चंबा जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के हादसे अक्सर चिंता का विषय बनते हैं। संकरे रास्ते, घुमावदार मोड़ और तीव्र ढलानें दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा देती हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में जर्जर सड़कों की स्थिति और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट्स को सुधारा जाए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं।











