विचार प्रवाह : 78 साल बाद भी हिंदू मुस्लिम एक नहीं वाली थ्योरी पर अटका पाकिस्तान

“5 अगस्त 1947 को अंग्रेजों ने इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट पर नई दिल्ली में रात के 12:00 बजे दस्तखत किए थे कई सदियों बाद भारत को आजादी मिली लेकिन बंटवारे के तौर पर इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी भारत की छाती पर खींची लकीर से दूसरी तरफ एक नया मुल्क पाकिस्तान बन गया देश के दो टुकड़े हो गए “

नई दिल्ली 30 / 05 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

शुरुआती 2 साल तक पाकिस्तान में 15 अगस्त को ही स्वतंत्र दिवस मनाया गया लेकिन फिर इसे बदलकर 14 अगस्त कर दिया गया । लाशों के ढेर पर मुल्क का बंटवारा और पाकिस्तान के क़ायद-ए-आज़म बनने की सनक पाले जिन्ना ने पाकिस्तान तो बना दिया। लेकिन इसके बाद भी दो राष्ट्र सिद्धांत पर बना उनका मुल्क आज भी वहीं अटका पड़ा है।

पाकिस्तान के जनरल हिन्‍दू और मुसलमान के बीच खाई पैदा करने वाला जहरीला बयान देते हैं। टू स्‍टेट थ्‍योरी की बात को 78 साल बाद भी दोहराते नजर आते हैं। वो कहते हैं कि हमारे पूर्वजों का मानना था कि हम हर तरह से हिंदुओं से अलग हैं।

हमारा मजहब, रिवाज, परंपरा, सोच और मकसद सब अलग हैं। ये टू स्‍टेट सिद्धांत का आधार है। हम एक नहीं, बल्कि दो राष्ट्र हैं। मुनीर के इस विषैले और सांप्रदायिक बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकवादियों धर्म पूछकर पर्यटकों का नरसंहार किया था। 

भारत समृद्धि के नए आयाम लिख रहा, पाक बना आतंक का अड्डा 

एक साथ आजाद हुए दोनों देशों के बीच वर्तमान समय में बहुत बड़ा अंतर है। एक तरफ भारत जो समृद्धि के नए आयाम लिख रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। वहीं, पाकिस्तान आतंक का अड्डा बना हुआ है।

भारत की इकोनॉमी से जुड़ी तीन रिपोर्ट आईं। तीनों में इस बात के लिए भारत की सराहना की गई है कि ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद इकोनॉमी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। एक रिपोर्ट में भारत की विकास दर (India GDP growth 2025) का अनुमान भी बढ़ाया गया है।

एक रिपोर्ट पाकिस्तान की इकोनॉमी पर भी आई है, जिसमें बताया गया है कि उसकी ग्रोथ रेट लक्ष्य से बहुत पीछे है। भारत की तुलना में पाकिस्तान की ग्रोथ रेट आधी भी नहीं है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

विश्व बैंक के 2024 के आंकड़े को देखें तो भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3.88 ट्रिलियन डॉलर के करीब है, जो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था (केवल 0.37 ट्रिलियन डॉलर) के आकार से 10 गुना अधिक है।

अर्थव्यवस्था के सभी पैमानों पर भारत अपने पड़ोसी पाकिस्तान से मीलों आगे है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 688 अरब डॉलर पर है। वहीं, पाकिस्तान के पास केवल 15 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है और आर्थिक पतन की कगार पर है।