वडनगर के जिस स्कूल में पढ़े पीएम मोदी, वहां से निकली ‘प्रेरणा’ की पहली खेप; 1620 नौनिहालों ने सीखा राष्ट्र निर्माण का पाठ

“देश के हर जिले तक पहुंची मुहिम: पहला चरण सफल, अप्रैल 2026 से शुरू होगा दूसरा चरण; अमित शाह ने राष्ट्र को समर्पित किया ‘प्रेरणा संकुल'”

संतोष सेठ | वडनगर/नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और नई शिक्षा नीति के मूल्यों को साकार करने वाला अनूठा कार्यक्रम ‘प्रेरणा’ (Prerana) अपने पहले पड़ाव को सफलतापूर्वक पार कर चुका है।

शिक्षा मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी पहल ने देश के युवाओं को मूल्य-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) की नई दिशा दी है।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम गुजरात के वडनगर स्थित उसी ऐतिहासिक वर्नाकुलर स्कूल (स्थापना 1888) में चलाया जा रहा है, जहां कभी प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी स्कूली शिक्षा की शुरुआत की थी। 15 जनवरी 2024 को शुरू हुए इस सफर ने अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया है।

इतिहास, नवाचार और संस्कार का संगम: ‘प्रेरणा संकुल’

हाल ही में 16 जनवरी 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गुजरात के सीएम भूपेंद्रभाई पटेल की मौजूदगी में ‘प्रेरणा संकुल’ को राष्ट्र को समर्पित किया।

यह स्थान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और आधुनिक तकनीक का एक जीवंत संगम है।

785 जिले, 81 बैच और 1620 भविष्य के लीडर

‘प्रेरणा’ कार्यक्रम की सफलता के आंकड़े इसकी व्यापकता को दर्शाते हैं:

  • भागीदारी: भारत के सभी 785 जिलों से छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया।

  • स्वरूप: हर बैच में 10 अलग-अलग राज्यों/जिलों से 20 छात्र (एक लड़का-एक लड़की) और महिला अभिभावक शिक्षिकाएं शामिल हुईं।

  • कुल संख्या: पहले चरण में 81 बैच पूरे हुए, जिनमें 1,620 छात्रों और 810 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

  • प्रशिक्षण: छात्रों को आईआईटी गांधीनगर, आईआईएम अहमदाबाद और भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित केवी (KV) और नवोदय (JNV) के शिक्षकों ने मेंटर किया।

इन 9 मूल्यों पर दिया गया जोर

प्रतिभागियों ने एक सप्ताह के आवासीय कार्यक्रम में किताबी ज्ञान से परे जीवन जीने की कला सीखी। उन्हें 9 प्रमुख मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाया गया:

  1. स्वाभिमान और विनय

  2. शौर्य और साहस

  3. परिश्रम और समर्पण

  4. सत्यनिष्ठा और शुचिता

  5. करुणा और सेवा

  6. नवाचार और जिज्ञासा

  7. विविधता और एकता

  8. श्रद्धा और विश्वास

  9. स्वतंत्रता और कर्तव्य

अप्रैल 2026 से दूसरा चरण, ‘प्रेरणा उत्सव’ से होगा चयन

पहले चरण की अपार सफलता के बाद, सरकार ने अप्रैल 2026 से ‘प्रेरणा’ का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है।

इसके लिए देश भर के स्कूलों में ‘प्रेरणा उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है, जो इस कार्यक्रम का प्रवेश द्वार (Entry Gate) है।

इसके माध्यम से विभिन्न पृष्ठभूमियों के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान कर उन्हें वडनगर भेजा जाएगा।

‘प्रेरणा एलुमनाई पोर्टल’ के जरिए इन छात्रों को एक नेटवर्क से जोड़ा गया है, ताकि वे भविष्य में भी एक-दूसरे से जुड़े रहें और ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने में योगदान दें।