नवरात्र के लिए सजे मंडी जिले के मंदिर, संतान प्राप्ति के लिए जुटेंगीं महिलाएं
श्राद्ध खत्म होने पर वीरवार से शारदीय नवरात्र शुरू जाएंगे। नौ दिन तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी रौनक रहेगी। सुबह से शाम तक मंदिरों में पूजा-पाठ, हवन यज्ञ और भजन-कीर्तन का दौर जारी रहेगा।
मंडी 03 / 10 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
बुधवार को जिलेभर के मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया। मंदिरों की सफाई के साथ उनकी साज-सज्जा की गई। मंडी शहर के रविनगर स्थित मां बज्रेश्वरी माता मंदिर को देश-विदेश से लाए गए फूलों से विशेष रूप से सजाया गया।
माता श्यामा काली टारना, काली चामुंडा स्कूल बाजार, सिद्धकाली इंदिरा मार्केट, बंगलेश्वरी शिवा बावड़ी, भीमाकाली भ्यूली सहित कामाख्या देवी करसोग, चिंडी माता, महामाया, शीतला माता सुंदरनगर, सरकाघाट, धर्मपुर, जोगिंद्रनगर सहित विभिन्न मंदिरों को नवरात्र के लिए सजाया गया है।
सिद्धकाली मंदिर के पुजारी जगदीश, काली चामुंडा मंदिर के प्रधान सुंदरलाल, महाकाली मंदिर पुरानी मंडी के गूर आयुष ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे से मंदिर में पूजा अर्चना शुरू हो जाएगी। लोग व्रत रखते हुए एक समय का भोजन करेंगे। सुबह-सायं विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
संतान प्राप्ति के लिए जुटेंगीं महिलाएं
शारदीय नवरात्र के अवसर पर लडभड़ोल स्थित माता शारदा देवी मंदिर सिमसा में संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं जुटना शुरू हो जाएंगी। करीब 450 साल पुराने इस मंदिर में देश-विदेश से निसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए पहुंचती हैं।
सिमसा माता मंदिर कमेटी के सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वीरवार सुबह 9:30 बजे से मंदिर में हवन और पूजा अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम शुरू होगा।
गुरुवार से शुरू होने जा रहे शरद नवरात्रों में महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए पहुंचना शुरू हो चुकी हैं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि शरद नवरात्रों में धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे।
उपमंडल के बसाही धार स्थित माता चतुर्भुजा मंदिर को भी शारदीय नवरात्र के लिए विशेष तौर पर सजाया गया है। सुबह पांच बजे से मंदिर के कपाट खुल जाएंगे।
मंदिर के पुजारी विजय शर्मा ने बताया कि शरद नवरात्रों पर सुबह-शाम मां की विशेष आरती भी उतारी जाएगी। जोगेंद्रनगर उपमंडल के स्यूरी, आशापुरी और बंडेरी माता मंदिर में भी विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आगाज होगा।











