“लाहुल-स्पीति की सडक़ों पर अब वाहन चालक एहतिहात के साथ वाहनों को चलाएं। क्योंकि तापमान में लगातार गिरावट आने के कारण सडक़ों पर ब्लैक आइस जमनीं शुरू हो गई हैं”
शिमला 25 / 11 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
ब्लैक आइस पर वाहन फिसलने का डर रहता है। तापमान में गिरवट के साथ प्राकृतिक स्रोतों के साथ-साथ झरने भी जमने लगे हैं। वहीं, सडक़ों पर भी ब्लैक आइस जम रही है। इससे अब लोगों को कई जगहों पर पीने के पानी की दिक्कतों से रू-ब-रू होना पड़ रहा है।
तापमान में गिरावट के चलते लोगों को रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं, पहाड़ी इलाकों में बढ़ती ठंड के साथ सडक़ों की फिसलन भी बढ़ रही है।
दरअसल रोहतांग पास समेत लाहुल घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में सडक़ों पर पानी जमने लगा है। इससे सडक़ों पर फिसलन की स्थिति बनी हुई है। खासकर सुबह और शाम के समय यहां गाड़ी चलाना किसी खतरे से कम नहीं रह गया है।
ऐसे में लाहुल-स्पीति प्रशासन द्वारा वाहन चालकों से अपील की गई है कि फिसलन के बीच सडक़ों पर सावधानी से गाड़ी चलाएं, ताकि कोई भी अनहोनी न हो। रोहतांग दर्रा तथा लाहुल घाटी की ऊंचाई वाली सडक़ों पर पानी जमने से ब्लैक आइस बन रही है। जिससे सडक़ें फिसलन भरी हो रही हैं।
सुबह-शाम वाहन चलाना खतरनाक होता जा रहा है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों को सुबह और शाम यात्रा से बचने की सलाह जारी की है। पुलिस टैक्सी चालकों और बाहरी राज्यों से आए सैलानियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दे रही है।
लाहुल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा शून्य के नीचे चला गया है। तापमान में गिरावट के कारण लाहुल-स्पीति सहित कुल्लू जिले की 12 से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सभी झीलें व झरने जमने लगे हैं।
ट्रैकरों की पहली पसंद 14190 फीट ऊंची चंद्रताल झील सैलानियों के लिए पहले ही बंद कर दी है। सैलानी इस झील के दीदार अब अगले साल ही कर सकेंंगे।
शीत मरुस्थल लाहुल घाटी की 14091 फीट ऊंची ढंखर झील सहित लेह मार्ग पर स्थित 15840 फीट ऊंची सूरजताल झील और पट्टन घाटी की 14000 हजार फीट ऊंची नीलकंठ झील भी तापमान लुढक़ने से जमने लगी है।
उधर, उपायुक्त लाहुल-स्पीति किरण भड़ाना ने पर्यटकों से भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर से ग्रांफू-लोसर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है।
सफर जोखिम भरा, सैलानी रहें सतर्क
सैलानी इस झील के दीदार अब अगले साल ही कर सकेंंगे। शीत मरुस्थल लाहुल घाटी की 14091 फीट ऊंची ढंखर झील सहित लेह मार्ग पर स्थित 15840 फीट ऊंची सूरजताल झील और पट्टन घाटी की 14000 हजार फीट ऊंची नीलकंठ झील भी तापमान लुढक़ने से जमने लगी है।
उधर, उपायुक्त लाहुल-स्पीति किरण भड़ाना ने बताया कि सडक़ों पर बर्फ की परत जमने लगी है, जिससे सफर जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने यात्रियों और वाहन चालकों से सुबह और देर शाम के समय यात्रा से परहेज करने की अपील की है।
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