विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर विशेष – यहाँ जानिये फार्मासिस्ट के रूप में कैसे बनाएं भविष्य – नीतू कौशल ( बी.फार्मा )

“सितंबर की 25 तारीख को दुनिया भर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है और इस बार की थीम है-’फार्मासिस्ट स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत कर रहे हैं। आइये जानते है ‘एक्सपर्ट नीतू कौशल” (बी.फार्मा पूर्वांचल विश्वविद्यालय) से कि बतौर फार्मासिस्ट किस तरह से कैरियर को युवा आगे ले जा सकते है”

बद्दी 25 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट 

जब हम हेल्थ केयर सेक्टर की बात करते हैं तो इस क्षेत्र में वह सभी लोग सम्मिलित होते हैं जो किसी न किसी रूप में हमारे स्वास्थ्य के लिए कार्य करते हैं। उसी तरह से फार्मासिस्ट भी है जो हमारे स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं।

अगर भारत की बात करी जाए तो पूरे देश में कुल रजिस्टर फार्मेसी 5,59,408 के आस- पास है। आपके घर के नुक्कड़, चौराहे पर एक न एक फार्मेसी जरूर होगी जिस पर आप अपने स्वास्थ्य को लेकर पूरा यकीन करते हैं।

कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि आप डॉक्टर को नहीं दिखा पाते हैं लेकिन अपने पास के फार्मेसी से एक बेसिक ट्रीटमेंट की दवा जरूर ले आते हैं ताकि उस एक समय के लिए तो आपको आराम मिल जाए।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस के इतिहास और महत्व से पहले ये जानना जरूरी है कि इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन- एफआईपी क्या है।

इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना 25 सितंबर 1912 में हुई थी। इस फेडरेशन के आधिकारिक संबंध वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन- डब्ल्यूएचओ के साथ है।

एफआईपी का हेड क्वार्टर हेग, नीदरलैंड में है और इसका आदर्श वाक्य (मोटो) “दुनिया भर में फार्मेसी को आगे बढ़ाना” है। 19 वीं शताब्दी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कांग्रेस की श्रृंखला के से एफआईपी की शुरुआत हुई।

1910 में 10वीं अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कांग्रेस ने इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना का संकल्प लिया। इसके पहले राष्ट्रपति इटली के प्रो डॉ. लियोपोल्ड बने जो लीडेन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे और पहले महासचिव की उपाधि डॉ. जे.जे हॉफमैन को दी गई जो द हेग में एक फार्मासिस्ट थें।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस का इतिहास

विश्व फार्मासिस्ट दिवस की शुरुआत 2009 में की गई थी। 2009 में इस्तांबुल, तुर्की में वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ फार्मेसी एंड फार्मास्युटिकल साइंस में एफआईपी द्वारा बनाया गया था।

25 सितंबर की तिथि का इसलिए चुना गया था क्योंकि इसी दिन 1912 में एफआईपी की स्थापना की गई थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया के हर कोने में स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने में फार्मासिस्ट की भूमिका को प्रोत्साहित करना है। 

एक फार्मासिस्ट लोगों की स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर अपने सभी कर्तव्यों का पालन करता है जिसमें, दवा की सही पहचान, उसकी रीस्टॉकिंग, दवाओं की समाप्ति तिथि और उनकी उपलब्धता आदि शामिल होते है। ताकि किसी भी प्रकार से किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर उसका कोई गलत प्रभाव न पड़े।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही एफआईपी ने सभी फार्मासिस्ट को सम्मानित करने के लिए इस दिन को मनाने का समर्थन किया। हर साल विश्व फार्मेसी दिवस एक थीम के साथ मनाया जाता है।

सितंबर की 25 तारीख को दुनिया भर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है और इस बार की थीम है-’फार्मासिस्ट स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत कर रहे हैं’

“फार्मासिस्ट बतौर चिकित्सा पेशेवर दवाओं की आपूर्ति करते हैं और मरीजों को उन्हें लेने के बारे में शिक्षित करते हैं। आप अगर फार्मासिस्ट के रूप में करियर बनाकर लोगों को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करना चाहते हैं, तो आइये जाने एक्सपर्ट नीतू कौशल से कि इस क्षेत्र में कैसे कर सकते हैं प्रवेश…  

आप हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी के संयोजन में रुचि रखनेवाले युवाओं में से एक हैं, तो फार्मासिस्ट के रूप में करियर बनाना आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त होगा।

फार्मासिस्ट वे हेल्थकेयर पेशेवर होते हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि किसी मेडिसिनल ट्रीटमेंट का मरीज अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकें।

फार्मासिस्ट की भूमिका केवल दवा खरीदने और बेचने तक ही सीमित नहीं होती। वे क्लीनिकल एवं ड्रग रिसर्च में अहम भूमिका निभाते हैं और कुछ स्थानों पर तो चोटों और बीमारियों का निदान भी करते हैं। 

आवश्यक योग्यता      

फार्मासिस्ट के तौर पर करियर बनाने के लिए आपको साइंस से बारहवीं पास करने के बाद फार्मेसी कोर्स में प्रवेश हासिल करना होगा।

फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं बायोलॉजी के साथ बारहवीं पास करने के बाद आप चार वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्मा) में प्रवेश ले सकते हैं या चाहें तो दो वर्षीय डिप्लोमा इन फार्मेसी यानी डीफार्मा काेर्स भी कर सकते हैं।

फार्मेसी में ग्रेजुएशन के बाद करियर को मजबूती देने के लिए मास्टर ऑफ फार्मेसी यानी एम फार्मा करना बेहतर होता है। 

“एक फार्मासिस्ट के तौर पर आप सरकारी व प्राइवेट दोनों सेक्टर में काम के मौके प्राप्त कर सकते हैं “

गवर्नमेंट सेक्टर में मौके –

सरकारी विभागों की सार्वजनिक दवा उत्पादन कंपनियों में समय-समय पर फार्मासिस्ट की नियुक्ति होती है, आप इनमें आवेदन कर सकते हैं।

आप राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं स्वास्थ्य व कल्याण विभाग में भी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। सैन्य बल, सरकारी बैंकों में भी फार्मासिस्ट की नियुक्ति के लिए वैकेंसी निकलती रहती हैं। 

प्राइवेट सेक्टर में स्कोप –

एक फार्मासिस्ट का करियर दवाओं की कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, ड्रग एंड फार्मूला इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी हो शुरू हो सकता है।

एमआर के तौर पर इनका काम दवा के ब्रांड के बारे में चर्चा करना और बिक्री के लिए प्रमोशन करना होता है। वहीं ड्रग इंस्ट्रक्टर का काम दवा में इस्तेमाल किये गये फार्मूले के बारे में जांच परख करना होता है। 

हॉस्पिटल और रिटेल में मिलेंगे अवसर 

फार्मासिस्ट के लिए सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में अच्छे मौके रहते हैं. यहां दवाइयों और चिकित्सा संबंधी अन्य सहायक सामग्रियों के भंडारण, स्टॉकिंग और वितरण का जिम्मा होता है, जबकि रिटेल सेक्टर में फार्मासिस्ट को एक बिजनेस मैनेजर की तरह काम करना होता है।  

इन संस्थानों से कर सकते हैं पढ़ाई  

– दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड रिसर्च, दिल्ली.
– जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी,दिल्ली.
– यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस, चंडीगढ़.
– महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश.
– जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता.
– बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा, रांची.  

जीपैट से खुलेंगे तरक्की के रास्ते

ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट यानी जीपैट वह परीक्षा है, जो फार्मेसी के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश लेने की योग्यता देने के साथ तरक्की की राह में आगे बढ़ाती है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जीपैट का आयोजन साल में एक बार किया जाता है। जीपैट के स्कोर को एआईसीटीई द्वारा मान्यताप्राप्त सभी संस्थानों/ यूनिवर्सिटी के विभागों/ कॉलेजों या उससे संबद्ध कॉलेजों में स्वीकार किया जाता है।

फार्मेसी के क्षेत्र में कुछ स्कॉलरशिप व अन्य वित्तीय सहायता भी जीपैट स्कोर के आधार पर मुहैया करायी जाती है। 

Santosh SETH

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