National

ग्रामीण विकास विभाग : गांव-गांव रिटायरमेंट सुरक्षा पहुंचाएंगी ‘पेंशन सखियां’

गांव-गांव तक रिटायरमेंट सुरक्षा पहुंचाएंगी ‘पेंशन सखियां’, ग्रामीण विकास विभाग और PFRDA के बीच हुआ ऐतिहासिक करार”

नई दिल्ली: संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)

देश के ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है।

ग्रामीण विकास विभाग और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ग्रामीण भारत में घर-घर तक पेंशन जागरूकता और सेवानिवृत्ति (Retirement) सुरक्षा पहुंचाने के लिए एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी के तहत देशभर में महिलाओं के नेतृत्व वाले ‘पेंशन सखियों’ का एक मजबूत सामुदायिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

इस समझौते पर ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ल और पीएफआरडीए (PFRDA) की कार्यकारी निदेशक सुश्री सुमीत कौर कपूर ने ग्रामीण विकास सचिव श्री रोहित कंसल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

क्या है ‘पेंशन सखी’ पहल और इसका उद्देश्य?

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत बने स्व-सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं की ताकत का उपयोग करना है।

  • काम क्या होगा: ‘पेंशन सखियां’ ग्रामीण इलाकों में विश्वसनीय सूत्रधार के रूप में काम करेंगी। वे बैंकिंग संवाददाता सखियों की तरह घर-घर जाकर, विशेष रूप से लखपति दीदियों, SHG सदस्यों और ग्रामीण महिलाओं को पेंशन योजनाओं और वित्तीय साक्षरता के बारे में जागरूक करेंगी।

  • मदद का दायरा: ये सखियां परिवारों को न सिर्फ सही पेंशन उत्पाद चुनने की सलाह देंगी, बल्कि उनके नामांकन (Enrolment) और उसके बाद की प्रक्रिया में भी पूरी मदद करेंगी।

पारदर्शिता और विश्वास पर टिका है मिशन

इस अवसर पर ग्रामीण विकास सचिव श्री रोहित कंसल ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा केवल असुरक्षा से बचाव नहीं है, बल्कि यह परिवारों को निरंतर आर्थिक उन्नति के लिए आत्मविश्वास देती है।

उन्होंने जोर दिया कि पेंशन के प्रति जागरूकता और वित्तीय साक्षरता पूरी तरह से ईमानदारी, पारदर्शिता और विश्वास पर आधारित होनी चाहिए ताकि नागरिक सोच-समझकर निर्णय ले सकें।

डिजिटल तकनीक से होगी निगरानी

इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए ‘लोकोस’ (Locos) प्रणाली सहित डिजिटल डैशबोर्ड और मोबाइल व वेब-आधारित समाधानों का उपयोग किया जाएगा।

इससे पेंशन कवरेज की प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। कृषि और अनौपचारिक रोजगार पर निर्भर ग्रामीण परिवारों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) जैसी योजनाओं से जोड़कर, यह पहल उन्हें दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा और आर्थिक मजबूती प्रदान करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

Santosh SETH

Recent Posts

बिहार MLC चुनाव: मतगणना जारी, 150 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर महामुकाबले की मतगणना शुरू, दांव पर 150 उम्मीदवारों की…

19 hours ago

गुवाहाटी : होटल में 5 लोगों की गोली मारकर हत्या, लीज विवाद में बड़ा नरसंहार

गुवाहाटी में खौफनाक वारदात: 'होटल बिलास इन' में लीज विवाद को लेकर अंधाधुंध फायरिंग, 5…

19 hours ago

ECI का हलफनामा: CEC पर लगे ‘एकतरफा फैसले’ के आरोपों को नकारा

चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब: CEC के 'एकतरफा फैसले' के आरोपों को नकारा,…

19 hours ago

जौनपुर: सूदखोरों पर शिकंजा; SP डॉ. यशवीर सिंह का एक्शन, 4 शिकायतें दर्ज

जौनपुर में अवैध सूदखोरों की खैर नहीं: 24 घंटे में मिलीं 4 शिकायतें, SP डॉ.…

19 hours ago

उत्तर प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में 7 मुस्लिम चेहरे, सपा के बागी नदारद

UP BJP का 'मिशन 2027': 712 सदस्यों वाली प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान; 7 मुस्लिम चेहरों…

19 hours ago

UP : 11 विधान परिषद सीटों पर मतगणना शुरू, आज आएंगे नतीजे

यूपी विधान परिषद चुनाव: 11 सीटों पर महामुकाबले के नतीजे आज, 7 जिलों में कड़ी…

19 hours ago