भारत के लिए राहत: 66 हजार टन LPG लेकर जहाज पहुंचे
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के लिए बड़ी राहत: 66 हजार टन LPG लेकर ‘होरमुज स्ट्रेट’ से सुरक्षित निकले दो जहाज”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध और तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है।
देश में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बढ़े हुए दामों के बीच भारत के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है।
पिछले 24 घंटों के भीतर, दुनिया के सबसे संवेदनशील और तनावपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होरमुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को पार करके दो बड़े मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
इन जहाजों में भारत की घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल 66,392 मीट्रिक टन रसोई गैस (LPG) लदी हुई है। यह माल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) का है।
‘सिमी’ आज पहुंचेगा गुजरात के कांडला पोर्ट
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि पहला जहाज ‘सिमी’ (Simi) 13 मई (बुधवार) को सुरक्षित तरीके से होरमुज स्ट्रेट को पार कर चुका है:
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माल और मार्ग: यह जहाज कतर के रास लफान टर्मिनल से 19,965 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहा है।
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पहुंचने का समय: 21 क्रू मेंबर्स वाले इस मार्शल द्वीप ध्वज वाले पोत के 16 मई (आज) गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है।
‘एनवी सनशाइन’ 18 मई को पहुंचेगा न्यू मंगलुरु
वहीं, राहत की दूसरी खबर दूसरे बड़े एलपीजी टैंकर से जुड़ी है:
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माल और मार्ग: वियतनाम ध्वज वाला जहाज ‘एनवी सनशाइन’ (NV Sunshine) यूएई की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन एलपीजी लेकर चला है। इसने 14 मई (गुरुवार) सुबह करीब 9:30 बजे होरमुज स्ट्रेट को पार किया।
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पहुंचने का समय: इस विशाल शिप के 18 मई तक ‘न्यू मंगलुरु पोर्ट’ (New Mangalore Port) पहुंचने की संभावना है।
13 जहाज सुरक्षित निकले, लेकिन 12 अब भी फंसे
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, होरमुज स्ट्रेट में तनाव के बावजूद भारतीय एजेंसियों की कड़ी निगरानी और कूटनीति के चलते मार्च की शुरुआत से अब तक कुल 13 भारतीय जहाज (12 एलपीजी टैंकर और 1 कच्चा तेल टैंकर) इस खतरनाक समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजर चुके हैं।
हालांकि, चिंता का विषय यह है कि खाड़ी क्षेत्र में अभी भी करीब 12 भारतीय पोत फंसे हुए हैं और इसके अलावा भारत के लिए माल लेकर आ रहे कई विदेशी जहाज भी इस तनाव के कारण प्रभावित हैं। सरकार स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।











