राज्यों की खबरे

पटना में दौड़ेगी रैपिड रेल: 160 Km/h की रफ्तार से तय होगा सफर

पटना में दौड़ेगी रैपिड रेल: राजधानी से जुड़ेंगे 16 शहर, 160 Km/h की रफ्तार से तय होगा सफर; जानें किन 4 रूटों पर बनेगी DPR”

पटना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

पटना और उसके आसपास के इलाकों से रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है।

बिहार की राजधानी पटना को उसके नजदीकी 16 शहरों और उपनगरों से जोड़ने के लिए ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (RRTS) प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो चुका है।

राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) से इस महात्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

रैपिड रेल शुरू होने से उन कामकाजी लोगों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को सबसे बड़ा फायदा होगा, जिन्हें अपने रोजमर्रा के कामों के लिए घंटों का सफर तय करके पटना आना-जाता पड़ता है।

इससे न सिर्फ सफर का समय घटेगा, बल्कि पटना शहर पर बढ़ता आबादी का बोझ और ट्रैफिक जाम भी काफी हद तक कम होगा।

NCRTC बनाएगी DPR, बिछेगा बिल्कुल नया ट्रैक

इस हाई-स्पीड रेल परियोजना की जिम्मेदारी उस ‘एनसीआरटीसी’ (NCRTC) कंपनी को सौंपी गई है, जिसने दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल (नमो भारत) का सफल निर्माण और संचालन किया है।

  • इस रैपिड रेल की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा होगी।

  • इतनी तेज रफ्तार के लिए मौजूदा रेलवे नेटवर्क से हटकर एक बिल्कुल नया और अलग ट्रैक बिछाया जाएगा।

  • दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की तर्ज पर यहां भी यात्रियों को हर 10 से 15 मिनट में रैपिड रेल की सुविधा उपलब्ध होगी।

इन 4 प्रमुख कॉरिडोर के लिए बन रही है DPR

पटना को चारों दिशाओं से कनेक्ट करने के लिए फिलहाल 4 बड़े रूटों (कॉरिडोर) पर काम किया जा रहा है:

कॉरिडोर का नाम

कनेक्ट होने वाले प्रमुख शहर और स्टेशन

पटना – बेगूसराय

पटना, फतुहा, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, बरौनी और बेगूसराय

पटना – मुजफ्फरपुर

पटना, सोनपुर, हाजीपुर, और मुजफ्फरपुर

पटना – आरा

पटना, दानापुर, बिहटा और आरा

पटना – गयाजी

पटना, मसौढ़ी, जहानाबाद, गयाजी

 

कैसे तय होंगे स्टेशन और रूट?

परियोजना को सफल बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से सर्वे किया जा रहा है। स्टेशनों का निर्धारण सीधे तौर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाएगा:

  • यात्री दबाव का अध्ययन: पटना के चारों दिशाओं से आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों के पैटर्न का गहन अध्ययन किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिले।

  • लास्ट माइल कनेक्टिविटी: स्टेशनों का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि वे आसपास के प्रमुख सड़क मार्गों से आसानी से जुड़े हों। भारी यात्री दबाव वाले इलाकों को स्टेशन के लिए चिह्नित किया जा रहा है।

  • टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ाव: पटना, गयाजी और मुजफ्फरपुर में बनने वाले नए सैटेलाइट टाउनशिप और औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) क्षेत्रों को इस रैपिड नेटवर्क से सीधा जोड़ा जाएगा।

बिहार के आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

यह रैपिड रेल केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।

यह कॉरिडोर राज्य के 8 जिलों से होकर गुजरेगा। गयाजी और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों का तेजी से विकास होगा।

इसके अलावा, पटना के आसपास नए ‘सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित होने से रियल एस्टेट, रोजगार और व्यापार के ढेरों नए अवसर पैदा होंगे।

Santosh SETH

Recent Posts

ब्रिक्स बैठक: साझा मुद्रा का जिक्र नहीं, स्थानीय मुद्रा और UPI पर जोर

ब्रिक्स बैठक: साझा मुद्रा या 'डी-डॉलराइजेशन' का जिक्र नहीं, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और UPI…

5 hours ago

ब्रिक्स 2026: जिनपिंग का मध्य पूर्व में शांति का आह्वान, टैरिफ का विरोध

ब्रिक्स 2026: शी जिनपिंग का मध्य पूर्व में शांतिदूत बनने का आह्वान, मनमाने टैरिफ और…

5 hours ago

ब्रिक्स 2026: ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी, ट्रंप बोले- जल्द खत्म होगा युद्ध

ब्रिक्स समिट 2026: ईरान ने अमेरिका-इज़राइल को ललकारा, समुद्री जंग तेज और ट्रंप ने किया…

5 hours ago

ब्रिक्स 2026: भारत की सफल कूटनीति से इस्लामाबाद में सन्नाटा

ब्रिक्स 2026: नई दिल्ली में वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा, भारत की कूटनीतिक ताकत देख पाकिस्तान…

11 hours ago

ब्रिक्स 2026: पीएम मोदी का मंत्र, पिरामिड नहीं साझेदारी का मंच बने दुनिया

ब्रिक्स समिट 2026: 20वें वर्ष में BRICS, पीएम मोदी ने दिया 'विशेषाधिकार के पिरामिड' को…

11 hours ago

ब्रिक्स 2026: पीएम मोदी का 10-सूत्रीय रोडमैप, रूल-मेकर बने ग्लोबल साउथ

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: पीएम मोदी का 10-सूत्रीय रोडमैप, 'रूल-टेकर नहीं, रूल-मेकर बने ग्लोबल साउथ'…

11 hours ago