राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: SIT ने सौंपी रिपोर्ट, नया ट्रस्ट बनाने और CEO नियुक्त करने की सिफारिश, 200 करोड़ की चोरी का अनुमान- सूत्र “
लखनऊ/अयोध्या: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी 150 पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है।
इस गोपनीय रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने मामले में तुरंत FIR दर्ज करने, मंदिर ट्रस्ट को दोबारा गठित करने और पिछले 5 सालों के दान का ऑडिट कराने की बड़ी सिफारिश की है। इस महाघोटाले का आकार 200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का आंका जा रहा है।
SIT रिपोर्ट की 4 सबसे बड़ी सिफारिशें
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय प्रसाद को सौंपी गई इस प्रारंभिक रिपोर्ट में 150 लोगों से की गई पूछताछ का पूरा ब्योरा है। सूत्रों के अनुसार SIT ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम सुझाए हैं:
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बिंदु |
SIT की मुख्य सिफारिश |
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कार्रवाई |
दोषियों के खिलाफ तत्काल आधिकारिक FIR दर्ज हो |
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प्रबंधन |
मौजूदा राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन (Reconstitution) किया जाए |
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नई नियुक्ति |
वित्तीय पारदर्शिता के लिए सीनियर IAS को मंदिर का CEO बनाया जाए |
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वित्तीय जांच |
पिछले 5 वर्षों के चढ़ावे का सघन और विशेष ऑडिट (Audit) हो |
5 आरोपी गिरफ्तार, 2 करोड़ कैश और सोना बरामद
इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 5 आरोपियों की पहचान कर उनसे कड़ी पूछताछ की है। इन आरोपियों के नाम हैं— लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू।
जांच के दौरान इन आरोपियों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपये नकद की रिकवरी हो चुकी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी माने जाने वाले ‘टिन्नू’ के घर से भारी मात्रा में सोना भी बरामद हुआ है।
काशी विश्वनाथ की तर्ज पर होगी CEO की नियुक्ति!
सूत्रों ने दावा किया है कि राज्य सरकार राम मंदिर में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर सकती है।
इस पद पर किसी वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी को बैठाया जा सकता है ताकि दान और लेखा-जोखा पूरी तरह पारदर्शी रहे।
सीएम योगी लेंगे अंतिम फैसला
लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने रिपोर्ट सौंपे जाने की पुष्टि करते हुए कहा, “SIT की रिपोर्ट हमने अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंप दी है। यह एक गोपनीय और प्रारंभिक रिपोर्ट है। डिटेल जांच के लिए SIT ने और समय मांगा है।”
इस पूरी रिपोर्ट और नई व्यवस्थाओं को लागू करने पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे। सरकार और ट्रस्ट के स्तर पर इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर गहन मंथन जारी है।











