राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT ने सीएम योगी को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में दान की गिनती व्यवस्था में भारी खामियां और 25 लोग संदिग्ध पाए गए हैं।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, ‘सिस्टम’ में भारी खामी, 25 संदिग्ध राडार पर- सूत्र
लखनऊ/अयोध्या: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है।
रविवार शाम सीएम योगी से मुलाकात कर SIT टीम ने पिछले 6 दिनों में 60 घंटे तक चली सघन जांच का पूरा ब्योरा पेश किया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में अब तक किसी बड़े पदाधिकारी का नाम नहीं आया है, लेकिन मंदिर के दान और रख-रखाव के ‘सिस्टम’ में भारी खामियां उजागर हुई हैं।
SIT की जांच में राम मंदिर के दान प्रबंधन को लेकर कई चौंकाने वाली कमियां सामने आई हैं:
खराब ट्रांसपोर्टेशन: दानपात्र से रुपये निकालकर काउंटिंग सेंटर तक ले जाने और वहां से बैंक तक पहुंचाने का सिस्टम बेहद असुरक्षित और खामियों भरा है।
सोने-चांदी का रख-रखाव: रुपये के अलावा मंदिर में चढ़ाए जाने वाले सोने-चांदी के आभूषणों की गिनती और रख-रखाव का तरीका भी सही नहीं पाया गया।
लॉकर की चाबियां: सुरक्षा के लिहाज से लॉकर की दो अलग-अलग चाबियां (Dual Key System) होनी चाहिए थीं, जो वहां मौजूद नहीं हैं।
SIT की इस प्रारंभिक जांच में ट्रस्ट और SBI के उन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, जो दान की गिनती में शामिल थे। इनमें दो नाम सबसे ऊपर हैं:
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: टिन्नू के पास राम मंदिर के चढ़ावे और दान की पूरी जिम्मेदारी थी, इसलिए वह SIT के मुख्य रडार पर है।
फूलकांत मिश्रा का चौंकाने वाला उदय: फूलकांत के पास राम मंदिर के आभूषणों की देखभाल की जिम्मेदारी थी। कुछ समय पहले तक अयोध्या की एक छोटी सी दुकान में नग बेचने और भविष्य बताने वाला फूलकांत आज चार महंगी गाड़ियों और पॉश इलाके में एक बंगले का मालिक है।
टिन्नू यादव और फूलकांत मिश्रा, दोनों को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बेहद करीबी बताया जाता है। जहां बिना परमिशन कोई परिंदा पर नहीं मार सकता, वहां फूलकांत की सीधी पहुंच थी।
फूलकांत के परिवार के बयानों में भारी विरोधाभास है। उसका भाई साकेत दावा करता है कि उनकी संपत्ति अपनी दुकान की कमाई से है और फूलकांत मंदिर के अंदर नहीं जाता।
वहीं, फूलकांत की मंदिर के अंदर की तस्वीरें मौजूद हैं और उसके ही भतीजे ने दावा किया है कि उनकी गाड़ियां राम मंदिर के काम में चलती हैं।
चढ़ावा चोरी केस में SIT ने अब तक 150 लोगों से गहन पूछताछ की है। इनमें से 25 लोगों की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई है और SIT की सिफारिश पर इनके खिलाफ जल्द कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और शक के घेरे में आए सभी कर्मचारियों के अयोध्या जिले से बाहर जाने पर सख्त रोक लगा दी है। मामले की अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन बाद आने की उम्मीद है।
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