अरविंद केजरीवाल की अयोध्या यात्रा का ऐलान

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल का अयोध्या कूच, कपिल मिश्रा का तंज

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल का बड़ा हमला- ‘FIR क्यों नहीं हुई, सरकार किसे बचा रही?’, कपिल मिश्रा का ‘जुमे की नमाज’ वाला तंज”

नई दिल्ली/अयोध्या: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दान और चढ़ावे की गिनती में कथित हेराफेरी का मामला अब पूरी तरह से एक बड़े सियासी घमासान में बदल चुका है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र और यूपी की एनडीए (NDA) सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।

 

केजरीवाल ने मंदिर में कथित चोरी को लेकर FIR दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं और शुक्रवार को अयोध्या जाने का ऐलान किया है।

दूसरी तरफ, केजरीवाल के इस ऐलान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता कपिल मिश्रा ने उन पर ‘जुमे की नमाज’ का जिक्र करते हुए तीखा और विवादास्पद तंज कसकर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

केजरीवाल का हमला: ‘कार्रवाई हुई तो सरकार गिर सकती है’

अरविंद केजरीवाल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर अपनी अयोध्या यात्रा की जानकारी दी और मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:

“अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों हिंदुओं की आस्था है। उसी राम मंदिर से करोड़ों रुपये के चंदे की चोरी हो गई, लेकिन एक भी FIR दर्ज नहीं हुई। इसमें बहुत बड़े-बड़े नाम शामिल हैं, अगर कार्रवाई हुई तो सरकार भी गिर सकती है।”

केजरीवाल ने आगे सवाल किया कि आखिर सरकार किसे बचा रही है? उन्होंने मांग की कि इस पाप में शामिल लोग कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें सीधे जेल में डाला जाए ताकि करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा हो सके।

कपिल मिश्रा का तीखा पलटवार

केजरीवाल के शुक्रवार को अयोध्या जाने के ऐलान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के एक्स (X) पोस्ट का जवाब देते हुए सीधा निशाना साधा और लिखा:

“शुक्रवार को जाएंगे? जुमे की नमाज के पहले या उसके बाद?”

कपिल मिश्रा के इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) जल्द ही इस पलटवार का कड़ा जवाब दे सकती है।

क्या है राम मंदिर का चढ़ावा विवाद?

जून में राम मंदिर के दानपात्रों से जुड़ी कथित गड़बड़ी और हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार तुरंत एक्शन में आई थी। इस विवाद से जुड़े मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:

विवरण

जानकारी

सरकारी एक्शन

यूपी सरकार द्वारा 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन

कर्मचारियों पर कार्रवाई

दान की गिनती करने वाले 40 संदिग्ध कर्मचारियों को हटाया गया

जांच का दायरा

चढ़ावे की राशि और आभूषणों के रख-रखाव में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका

ट्रस्ट का रुख

महासचिव चंपत राय ने घोटालों के दावों को नकारा, लेकिन स्वतंत्र जांच का समर्थन किया

 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को अफवाह करार दिया है, लेकिन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसआईटी (SIT) जांच का पूरा समर्थन किया है।

अब देखना यह होगा कि केजरीवाल के अयोध्या दौरे और भाजपा के पलटवार के बाद यह सियासी ऊंट किस करवट बैठता है।