लोकसभा में 131वां बिल गिरने पर राहुल गांधी का प्रहार: 'संविधान पर हमला INDIA ने रोका'
राहुल गांधी और खरगे का मोदी सरकार पर वार: ‘संविधान पर हमला नाकाम, INDIA गठबंधन ने रोका असंवैधानिक बिल’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के औंधे मुंह गिरने के बाद विपक्ष गदगद है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लोकतंत्र, संघीय ढांचे और संविधान की एक बहुत बड़ी जीत करार दिया है।
विपक्ष का स्पष्ट आरोप है कि इस विधेयक की आड़ में सरकार की मंशा महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं, बल्कि देश के चुनावी नक्शे को अपने फायदे के लिए बदलना था।
‘भारत ने देख लिया, INDIA ने रोक दिया’
सदन में बिल गिरने के तुरंत बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने लिखा, “संशोधन विधेयक गिर गया। उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया। भारत ने देख लिया। INDIA ने रोक दिया। जय संविधान।”
राहुल ने अपने संबोधन में साफ कहा कि यह महिलाओं का बिल था ही नहीं। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि यदि वह 2023 का महिला बिल वापस लाती है, तो विपक्ष उसे इसी वक्त सर्वसम्मति से पास कराने के लिए तैयार है।
ओबीसी और जातीय जनगणना से भागने का आरोप
राहुल गांधी ने सरकार पर पिछड़े वर्गों को राजनीतिक मुख्यधारा से दूर रखने की साजिश रचने का भी गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि अगले 15 वर्षों तक जातीय जनगणना का राजनीतिक प्रतिनिधित्व से कोई संबंध ही न जुड़ पाए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपना जनाधार खिसकने से डरी हुई है और इसी बौखलाहट में देश के राजनीतिक मानचित्र को फिर से व्यवस्थित करने का प्रयास कर रही थी।
दक्षिण और छोटे राज्यों की ढाल बना विपक्ष
नेता प्रतिपक्ष ने दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के अधिकारों की वकालत करते हुए सरकार के इस कदम को ‘राष्ट्र-विरोधी कृत्य’ बताया।
राहुल ने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए सरकार इन राज्यों का प्रतिनिधित्व छीनना चाहती थी।
उन्होंने इन राज्यों को पूर्ण आश्वासन दिया कि पूरा विपक्ष एकजुट है और भारत संघ में उनके प्रतिनिधित्व के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खरगे बोले- लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश विफल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एकजुट विपक्ष ने परिसीमन के जरिए देश के लोकतांत्रिक ढांचे को प्रभावित करने की इस खतरनाक कोशिश को विफल कर दिया है।
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की आधी आबादी (महिलाओं) को आधार बनाकर एक ऐसा कदम उठाने की कोशिश की, जो सीधे तौर पर संघीय व्यवस्था और लोकतंत्र पर चोट करता।
उन्होंने समय रहते इस रणनीति को समझने और बिल को रोकने के लिए ‘INDIA’ गठबंधन के सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया।
ईरान का बड़ा कदम: लेबनान सीज़फ़ायर के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य कमर्शियल जहाजों के लिए खुला…
लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण और परिसीमन बिल, मोदी सरकार के 12 वर्षों में पहली…
लोकसभा में राहुल गांधी का प्रहार: "परिसीमन से महिला सशक्तिकरण नहीं, चुनावी मानचित्र बदलने की…
पीएम मोदी की अपील: 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का करें समर्थन, देश की करोड़ों महिलाओं…
जौनपुर: पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, 62 हजार से अधिक अपात्रों के…
जौनपुर: आजाद इंटर कॉलेज में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित; मेधावी छात्रों को मिला सम्मान, शिक्षकों…