Makar Sankranti 2026 Prayagraj Sangam

प्रयागराज में ‘महा-संगम’ की तैयारी: मकर संक्रांति पर 2 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान, 3.69 किमी लंबे घाटों का जाल बिछा

“15 जनवरी को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर संगम तट पर आस्था का ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ने वाला है”

प्रयागराज | 13 जनवरी, 2026, संतोष सेठ की रिपोर्ट 

कुंभ मेला प्रशासन ने इस बार दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान का अनुमान लगाया है। प्रशासन की ओर से ‘स्वच्छ कुंभ, सुरक्षित कुंभ’ के संकल्प के साथ अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं।

स्नान घाटों की लंबाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

भीड़ के दबाव को प्रबंधित करने के लिए प्रशासन ने इस बार विशेष रणनीति अपनाई है:

  • घाटों का विस्तार: 2024 में घाटों की लंबाई मात्र 2 किमी थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 3.69 किमी कर दिया गया है।

  • 24 प्रमुख घाट: अरैल, झूंसी और परेड संगम क्षेत्र में कुल 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है।

  • ट्रैफिक मैनेजमेंट: श्रद्धालु जिस दिशा से आएंगे, उन्हें उनके निकटतम घाट पर ही स्नान की सुविधा दी जाएगी ताकि संगम नोज पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

शिविरों से महकी आध्यात्मिक खुशबू

मेला क्षेत्र अब पूरी तरह से ‘तपोवन’ में बदल चुका है। तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा और खाक चौक जैसे प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के भव्य शिविर सज चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबी चकर्ड प्लेट की सड़कें बिछाई गई हैं, जिससे रेत पर आवाजाही सुगम हो सके।

प्रमुख स्नान घाट: एक नज़र में

क्षेत्र प्रमुख घाट
अरैल पक्का घाट, महाकाल आरती घाट, सेल्फी प्वाइंट, चक्रम माधव
झूंसी संगम लोअर, एरावत, मोरी, दंडीबाड़ा, कल्पवासी घाट
परेड/संगम संगम नोज, रामघाट, काली घाट, दशाश्वमेध, नागवासुकि

राजनीतिक गलियारे से (The Politics Again Analysis):

महाकुंभ और मकर संक्रांति की ये भव्य तैयारियां केवल धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इन तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं, क्योंकि 2027 के चुनाव से पहले यह आयोजन ‘सांस्कृतिक पुनर्जागरण’ और ‘प्रशासनिक दक्षता’ का सबसे बड़ा प्रमाण पत्र साबित होगा।