Indian origin scientists and researchers working in an advanced laboratory under the PMRC Scheme 2026

PMRC योजना 2026: भारतीय मूल के वैज्ञानिकों के लिए 200 करोड़ का बजट

पीएम रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026: भारतीय मूल के वैज्ञानिकों को आकर्षित करने के लिए 200 करोड़ का बजट, मिले 3,600 से अधिक आवेदन”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

भारत को अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और ज्ञान सृजन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विज़न के अनुरूप शिक्षा मंत्रालय ने ‘प्रधानमंत्री अनुसंधान चेयर (PMRC) योजना, 2026’ की शुरुआत की है।

शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में इस योजना के उद्देश्यों, बजट और अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

क्या है PMRC योजना का मुख्य उद्देश्य?

इस योजना का मुख्य लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान का अनुभव रखने वाले भारतीय मूल के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और पेशेवरों को भारत की ओर आकर्षित करना और उन्हें देश की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।

इसके माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI), राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और अनुसंधान केंद्रों में राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले विषयों पर रिसर्च, मार्गदर्शन और संस्थागत क्षमता का विकास किया जाएगा।

फेलोशिप की 3 श्रेणियां और शानदार प्रतिक्रिया

योजना के अंतर्गत योग्य उम्मीदवारों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में फेलोशिप प्रदान करने का प्रावधान किया गया है:

  1. अनुसंधान चेयर (Research Chair)
  2. वरिष्ठ फेलो (Senior Fellow)
  3. युवा अनुसंधान फेलो (Young Research Fellow)

योजना को लेकर देश-विदेश के शोधकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि अब तक फेलोशिप के लिए 3,600 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

वहीं, मेजबान (Host) संस्थानों की ओर से भी 400 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए देश के 7 प्रमुख संस्थानों को अग्रणी संस्थान (Lead Institutes) के रूप में चिन्हित किया गया है।

2026-27 के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट

भारत सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

सरकार का विज़न है कि भारतीय मूल के विदेशी विशेषज्ञों की सुव्यवस्थित भागीदारी का सीधा लाभ भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों और शोध केंद्रों को मिले, जिससे शिक्षा में समानता, गुणवत्ता और पहुंच सुनिश्चित हो सके।

पात्रता मानदंड, मेजबान संस्थानों की सूची और योजना से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://pmrc.education.gov.in/ पर उपलब्ध है।