PM Modi Council of Ministers Meeting

PM मोदी की मैराथन बैठक: 9 मंत्रालयों का रिव्यू, रिफॉर्म पर जोर

PM मोदी की साढ़े 4 घंटे चली मैराथन बैठक: 9 मंत्रालयों का हुआ रिव्यू; मंत्रियों को सख्त निर्देश- ‘फाइलें जल्दी दौड़ाएं, 2047 हमारा कमिटमेंट है’

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार शाम केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक अहम और मैराथन बैठक की अध्यक्षता की।

शाम 5 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब साढ़े चार घंटे तक चली, जिसमें सरकार के कामकाज, भविष्य की रणनीतियों और वैश्विक चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया।

पीएम मोदी ने साफ शब्दों में मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने पेंडिंग काम जल्द से जल्द पूरे करें और जनहित को सर्वोपरि रखकर ‘रिफॉर्म’ (सुधार) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ें।

9 मंत्रालयों का प्रेजेंटेशन और ‘परफॉर्मेंस रिव्यू’

सूत्रों के मुताबिक, इस उच्च-स्तरीय बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री के समक्ष 9 प्रमुख विभागों के कामकाज का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया।

  • इन विभागों की हुई समीक्षा: कृषि, वन (Forest), श्रम (Labor), सड़क परिवहन, कॉरपोरेट, विदेश, वाणिज्य (Commerce) और ऊर्जा (Power) समेत 9 मंत्रालयों ने अपने कामकाज का ब्योरा दिया।

  • कमजोर प्रदर्शन पर चेतावनी: प्रधानमंत्री ने उन मंत्रालयों को अपने कामकाज में तत्काल सुधार लाने की सख्त हिदायत दी, जिनका परफॉर्मेंस रैंकिंग के हिसाब से कमजोर पाया गया था।

‘फाइलें फालतू में चक्कर न काटें, सरलता लाएं’

बैठक में पीएम मोदी ने सुशासन (Good Governance) और रिफॉर्म पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय फाइलें तेजी से आगे बढ़नी चाहिए और जनता को फालतू में चक्कर न काटने पड़ें।

कम समय में ज्यादा और प्रभावी काम हो। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को याद दिलाया, “2047 का ‘विकसित भारत’ महज कोई नारा नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति हमारा ‘कमिटमेंट’ है।”

उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे सरकार की 12 साल की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएं।

पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों पर गहरी चिंता

यह बैठक भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम रही। पश्चिम एशिया में चल रहे भारी संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक आर्थिक चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

  • महंगाई का दबाव: संघर्ष के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

  • चूँकि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% हिस्सा आयात करता है, इसलिए देश में ईंधन, परिवहन खर्च और कुल महंगाई बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं।

  • पीएम की अपील: आर्थिक मोर्चे पर एहतियात बरतते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में देशवासियों से अपील की है कि वे ईंधन का इस्तेमाल, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को कम करें ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम पड़े।

बंगाल विजय और विदेश यात्रा पर पीएम का अभिनंदन

बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में प्रधानमंत्री की पांच देशों की सफल यात्रा की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान मंत्रिपरिषद ने पांच देशों की ऐतिहासिक यात्रा और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बड़ी विजय पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार अभिनंदन किया।