Prime Minister Narendra Modi embarking on his historic first state visit to the Slovak Republic

PM मोदी की ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा: व्यापार-रक्षा पर होगा फोकस

✈️ PM मोदी की स्लोवाकिया की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा: रक्षा, तकनीक और पश्चिम एशिया के हालात पर होगा महामंथन “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारतीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाक गणराज्य (Slovakia) की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस यात्रा की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि साल 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी।

इस बहुप्रतीक्षित दौरे को भारत और स्लोवाकिया के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई और दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक दौरे का मुख्य एजेंडा क्या है:

💼 व्यापार, निवेश और नई तकनीक (Emerging Tech) पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु आर्थिक और तकनीकी सहयोग होगा। सिबी जॉर्ज के अनुसार:

  • शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात: पीएम मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री के साथ व्यापक और गहन वार्ता करेंगे।

  • उद्योगपतियों से संवाद: दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पीएम मोदी वहां के प्रमुख उद्योगपतियों और ‘बिजनेस लीडर्स’ (Business Leaders) से भी सीधी मुलाकात करेंगे।

  • प्रमुख क्षेत्र: इस दौरान परिवहन (Transport), नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), उभरती टेक्नोलॉजी (Emerging Technology) और रक्षा उत्पादन (Defense Production) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

🤝 संकट का साथी: यूक्रेन युद्ध और FTA में स्लोवाकिया का साथ

भारत और स्लोवाकिया के संबंध आपसी विश्वास पर टिके हैं। विदेश मंत्रालय ने इस बात को रेखांकित किया कि:

  • यूक्रेन रेस्क्यू ऑपरेशन: जब यूक्रेन संकट के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी (ऑपरेशन गंगा) की चुनौती सामने थी, तब स्लोवाकिया ने भारत को अत्यंत महत्वपूर्ण और जमीनी सहयोग प्रदान किया था।

  • भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता: इसके अलावा स्लोवाकिया ने ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ (India-EU FTA) को आगे बढ़ाने में भी एक बेहद सकारात्मक भूमिका निभाई है।

  • स्लोवाकिया ने FTA के सफल क्रियान्वयन का स्वागत किया है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है।

🌍 पश्चिम एशिया के हालात और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा

इस यात्रा में केवल द्विपक्षीय व्यापार ही नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) पर भी चर्चा होगी।

सिबी जॉर्ज ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाक नेतृत्व के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गंभीर मंथन होगा।

  • पश्चिम एशिया का संकट: विशेष रूप से पश्चिम एशिया (Middle East) में तेजी से बदलते हालात और युद्ध के खतरों पर चर्चा एजेंडे का अहम हिस्सा होगी।

  • वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां: इसके साथ ही वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और दोनों देशों के आपसी हितों से जुड़े मुद्दे भी इस वार्ता में शामिल रहेंगे।

भारत का स्पष्ट मानना है कि इस राजकीय यात्रा से न केवल स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि समग्र यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को भी एक नई और सशक्त दिशा मिलेगी।

नोट: देशभर की राजनीति, विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की ताज़ा घटनाओं से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।