पीएम मोदी आज करेंगे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन, 2.5 घंटे में पूरा होगा सफर | The Politics Again
पीएम मोदी आज करेंगे ‘दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर’ का उद्घाटन, 6 घंटे का सफर अब मात्र ढाई घंटे में होगा तय
देहरादून/सहारनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री देश को एक बड़ी सौगात देते हुए बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (Delhi-Dehradun Economic Corridor) का विधिवत उद्घाटन करेंगे।
12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार यह आधुनिक कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।
प्रधानमंत्री के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम
सुबह 11:15 बजे: प्रधानमंत्री मोदी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचेंगे, जहां वे इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के ऊंचे खंड पर विशेष रूप से बनाए गए ‘वन्यजीव गलियारे’ (Wildlife Corridor) की समीक्षा करेंगे।
सुबह 11:40 बजे: इसके बाद पीएम मोदी देहरादून के पास स्थित प्रसिद्ध ‘जय मां दात काली मंदिर’ में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।
दोपहर 12:30 बजे: प्रधानमंत्री देहरादून में आयोजित एक विशाल सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे। यहीं से वे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताएं
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड—इन तीन राज्यों से होकर गुजरने वाला यह कॉरिडोर अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का बेहतरीन उदाहरण है:
दूरी और समय की बचत: 213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला और एक्सेस कंट्रोल्ड यह कॉरिडोर दिल्ली और देहरादून के बीच की यात्रा के समय को 6 घंटे से घटाकर लगभग ढाई (2.5) घंटे कर देगा।
यात्री सुविधाएं: निर्बाध हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के लिए इसमें 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 4 प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं (Wayside amenities) का निर्माण किया गया है।
सुरक्षा: यात्रियों के सुरक्षित अनुभव के लिए इसे ‘उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली’ (ATMS) से पूरी तरह सुसज्जित किया गया है।
वन्यजीवों की सुरक्षा का रखा गया है खास ध्यान
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता और समृद्ध जैव विविधता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके:
एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर: जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही के लिए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया के सबसे लंबे वन्यजीव कॉरिडोर में से एक है।
विशेष पास और सुरंग: इसमें जानवरों के लिए 8 विशेष मार्ग (Animal passes), हाथियों के लिए 200 मीटर लंबे 2 अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है।
आर्थिक विकास और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह विशाल परियोजना प्रधानमंत्री के उस विजन को दर्शाती है जिसमें पर्यावरणीय स्थिरता (Environmental Sustainability) के साथ-साथ ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है।
यह कॉरिडोर प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
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