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NCC और NIELIT ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

एनसीसी कैडेट्स बनेंगे ‘साइबर योद्धा’: NCC और NIELIT के बीच बड़ा समझौता, देश भर में शुरू हुआ साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

डिजिटल युग में बढ़ रहे साइबर अपराधों और खतरों से निपटने के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ने एक बेहद अहम और दूरगामी कदम उठाया है।

एनसीसी ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ मिलकर देशभर के कैडेटों के लिए एक राष्ट्रव्यापी ‘साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ (Cyber Security Capacity Building Programme) की शुरुआत की है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर जागरूकता, डिजिटल स्वच्छता और व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल में निपुण बनाना है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ MOU साइन

इस ऐतिहासिक पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए एनसीसी और एनआईईएलआईटी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया गया है, ताकि कैडेट्स को बुनियादी से लेकर एडवांस स्तर तक का प्रशिक्षण दिया जा सके।

कैसा होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम?

पहला चरण: साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम (ऑनलाइन)

  • अवधि और माध्यम: यह 15 घंटे का एक ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल होगा।

  • कौन ले सकेगा भाग: यह चरण देश भर के सभी पंजीकृत एनसीसी कैडेटों के लिए खुला रहेगा। इसे ‘एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से संचालित किया जाएगा।

  • क्या सीखेंगे कैडेट्स: इसमें कैडेट्स को डिजिटल साक्षरता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर स्वच्छता (Cyber Hygiene) और साइबर खतरों के बारे में बुनियादी जानकारी प्रदान की जाएगी।

दूसरा चरण: साइबर रक्षा कार्यक्रम (ऑफलाइन)

  • अवधि और माध्यम: यह 60 घंटे का एक गहन और एडवांस ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा।

  • चयन प्रक्रिया: इस चरण में सभी कैडेट्स शामिल नहीं होंगे। इसके लिए एक योग्यता-आधारित स्क्रीनिंग प्रक्रिया (Screening test) आयोजित की जाएगी, जिसके माध्यम से चयनित कैडेटों को ही यह खास ट्रेनिंग मिलेगी।

  • व्यावहारिक प्रशिक्षण: इस एडवांस चरण में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग (व्यावहारिक प्रशिक्षण), रियल-लाइफ सिमुलेशन और साइबर सुरक्षा उपकरणों एवं तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। इससे कैडेट वास्तविक साइबर खतरों को पहचानने और उनसे मजबूती से निपटने में सक्षम बनेंगे।

‘डिजिटल इंडिया’ को मिलेगी नई ताकत

इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर (Grassroots level) पर साइबर जागरूकता फैलाना और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों को बढ़ावा देना है।

इस ट्रेनिंग के बाद प्रशिक्षित एनसीसी ‘साइबर कैडेटों’ का एक ऐसा मजबूत समूह तैयार होगा, जो देश की साइबर सुरक्षा पहलों का मजबूती से समर्थन करेगा।

यह पूरा कार्यक्रम भारत सरकार के विजन ‘डिजिटल इंडिया’ (Digital India) और ‘राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा’ (NSQF) की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के पूर्णतः अनुरूप तैयार किया गया है।

Santosh SETH

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