प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'रिपब्लिक शिखर सम्मेलन' में देश के 1,000 साल के भविष्य, नक्सलवाद के खात्मे और भारत की बढ़ती वैश्विक साख पर विस्तार से चर्चा की।
रिपब्लिक शिखर सम्मेलन में PM मोदी: ‘नेशन फर्स्ट से लिख रहे 1000 साल का भविष्य’, नक्सलवाद और मिडिल क्लास पर कही बड़ी बात”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘रिपब्लिक शिखर सम्मेलन’ (Republic Summit) को संबोधित करते हुए भारत की बदलती वैश्विक छवि, आंतरिक सुरक्षा और तेज आर्थिक विकास पर विस्तार से चर्चा की।
अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत क्षणिक घटनाओं पर उतावला होने वाला देश नहीं है, बल्कि देश ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) के सिद्धांत पर चलते हुए अपने आने वाले 1,000 वर्षों का उज्ज्वल भविष्य लिख रहा है।
हाल ही में इटली में जी7 (G7) शिखर सम्मेलन से लौटे पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया का हर नेता भारत के इस ‘नेशन फर्स्ट’ सिद्धांत का सम्मान कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने देश की जनता को सलाम करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया और ‘लोकल फॉर वोकल’ (खादी) जैसे अभियान केवल इसलिए सफल हुए क्योंकि नागरिकों ने देश को सबसे ऊपर रखा।
“भारत जो कर रहा है, वह आने वाले 1,000 वर्ष का फ्यूचर लिखने वाला है, और यही दुनिया के लिए सबसे बड़ी भारत की गारंटी है।”
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए बताया कि 21वीं सदी में भी आतंकवादियों ने आदिवासी इलाकों में सरकारी सुविधाएं नहीं पहुंचने दीं।
खौफ का वह दशक (2004-2014): इस दौरान माओवादी आतंकवाद की 17,000 से अधिक हिंसक घटनाएं हुईं, जिनमें 7,000 से ज्यादा लोगों की जान गई।
नया सवेरा: आज इन क्षेत्रों से माओवादी आतंकवाद का पूर्णतः सफाया हो चुका है। सरकार ने साढ़े 9 हजार से अधिक नए मोबाइल टावर लगाए हैं और करीब 45 हजार गांवों को मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा है। इसके अलावा 75 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट और 6 हजार नए पोस्ट ऑफिस खोले गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने 100 से अधिक जिलों को ‘पिछड़ा क्षेत्र’ घोषित कर उनके हाल पर छोड़ दिया था।
हमने उन्हें निराशा से बाहर निकाला और उनका नाम ‘आकांक्षी जिले’ (Aspirational Districts) रखा।
इसी नई सोच का परिणाम है कि पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ गरीब लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने मध्यम वर्ग की जीवनशैली में आए बड़े बदलावों को आंकड़ों के जरिए पेश किया:
| क्षेत्र | 2014 की स्थिति | आज की स्थिति (वर्तमान) |
| मेट्रो यात्री | 28 लाख लोग प्रतिदिन | 1.28 करोड़ लोग प्रतिदिन |
| होम लोन की ब्याज दरें | डबल डिजिट (10% से अधिक) | 7 से 8 प्रतिशत के बीच |
| हवाई यात्रा के अवसर | सीमित हवाई अड्डे | हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हुई |
उन्होंने कहा कि पहले होम लोन लेना युद्ध जीतने जैसा था, लेकिन आज यह घर बैठे आसानी से 7-8% के रेट पर मिल जाता है।
रेलवे के क्षेत्र में नमो भारत, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें देश के कोने-कोने को जोड़ रही हैं।
पीएम मोदी ने अंत में कहा कि गरीबी का कम होना केवल कल्याण का विषय नहीं है, बल्कि यह देश में नए अवसरों और नई आकांक्षाओं के विस्तार की गाथा है।
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