Tribal Affairs Minister sharing progress of PM JANMAN and DA JGUA schemes in West Bengal in Rajya Sabha.

पश्चिम बंगाल में PM जनमन योजना तेज, 125 करोड़ रुपये मंजूर

पश्चिम बंगाल में जनजातीय विकास तेज: PM-जनमन और DA-JGUA के तहत 125 करोड़ रुपये मंजूर”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

केंद्र सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए चलाए जा रहे ‘पीएम जनमन’ (PM-JANMAN) और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ (DA-JGUA) का असर अब पश्चिम बंगाल में भी दिखने लगा है।

सोमवार को राज्यसभा में जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने एक लिखित उत्तर में बताया कि पश्चिम बंगाल में इन योजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों का विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

इसके अलावा, वर्तमान वित्तीय वर्ष में मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के लिए DA-JGUA के तहत 12574.70 लाख रुपये (करीब 125.74 करोड़ रुपये) की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

पश्चिम बंगाल में 3 कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) चिन्हित

राज्यमंत्री ने सदन को बताया कि पश्चिम बंगाल में मुख्य रूप से 3 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की पहचान की गई है— बिरहोर, लोधा और टोटो।

‘पीएम गति शक्ति’ (PM Gati Shakti) मोबाइल ऐप के जरिए जुटाए गए अनंतिम डेटा के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इनकी स्थिति इस प्रकार है:

  • जिले: 4

  • ब्लॉक: 24

  • गांव/बस्तियां: 428 गांव और 495 बस्तियां

  • पीवीटीजी आवास: 19,991

  • पीवीटीजी जनसंख्या: 68,720

क्या है ‘पीएम जनमन’ का रिपोर्ट कार्ड? (30 जून 2026 तक के आंकड़े)

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा पश्चिम बंगाल में किए जा रहे बुनियादी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की गई:

  • जल शक्ति मंत्रालय (जल जीवन मिशन): 418 गांवों को स्वीकृति मिली, जिनमें से 86 गांवों में काम पूरा (Saturated) हो चुका है।

  • स्वास्थ्य मंत्रालय (NRHM): जनजातीय इलाकों के लिए 16 सचल चिकित्सा इकाइयां (Mobile Medical Units – MMU) स्वीकृत और संचालित की जा रही हैं।

  • विद्युत मंत्रालय (RDSS): 3,372 आवासों को स्वीकृति मिली और सभी 3,372 घरों को विद्युतीकृत कर दिया गया है।

  • संचार मंत्रालय (USOF): नेटवर्क कवरेज के लिए 12 बस्तियां नियोजित की गईं, जिनमें से 3 को कवर कर लिया गया है।

  • जनजातीय कार्य मंत्रालय: 5 वन धन विकास केंद्र (VDVK) स्वीकृत किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इनके लिए 13.9 लाख रुपये स्वीकृत कर 6.95 लाख रुपये जारी भी कर दिए गए हैं।

18,173 परिवारों का हुआ सर्वे

दुर्गादास उइके ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा PVTG परिवारों का गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है। अब तक राज्य ने 18,173 PVTG परिवारों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।

इस डेटा की जांच के बाद, बुनियादी सुविधाओं में जो भी कमियां (Gaps) पाई जाएंगी, उन्हें संबंधित विभागों के परामर्श से जल्द ही दूर किया जाएगा।