पिनाका ER रॉकेट का सफल परीक्षण: 90KM मारक क्षमता
आत्मनिर्भर भारत: पोखरण में 24 पिनाका ER रॉकेट्स का सफल परीक्षण, भविष्य के युद्धों में साबित होगा गेम चेंजर
पोखरण/नई दिल्ली |श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट : विशेष संवाददाता
रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की तरफ देश ने एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित ‘पिनाका एक्सटेंडेड रेंज’ (ER) रॉकेट्स के प्रोडक्शन बैच का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।
यह पहली बार है जब किसी निजी कंपनी ने 24 गाइडेड पिनाका रॉकेट्स के साथ सटीकता और 50 किमी से अधिक की एक्सटेंडेड रेंज का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत का यह कदम एक बड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
90 KM की स्ट्राइक पावर और अचूक निशाना
परीक्षण के दौरान कुल 24 पिनाका एन्हांस्ड (Enhanced) रॉकेट दागे गए। इन सभी रॉकेट्स की सटीकता (accuracy), स्थिरता (consistency) और मारक क्षमता (lethality) को परखा गया।
कंपनी के मुताबिक, सभी रॉकेट्स ने फील्ड कंडीशन में शानदार प्रदर्शन किया। 90 किलोमीटर तक की अचूक स्ट्राइक पावर वाले ये रॉकेट दुश्मनों के खेमे में तबाही मचाने के लिए काफी हैं।
इस स्वदेशी रॉकेट सिस्टम की रेंज बढ़ने से इंडियन आर्म फोर्स की ताकत में भारी इजाफा हुआ है।
क्या है पिनाका सिस्टम?
पिनाका एक मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सेना के लिए विशेष रूप से विकसित किया है।
यह लंबी दूरी तक मार करने वाला एक आर्टिलरी हथियार है। यह सिस्टम अपनी तेज प्रतिक्रिया (rapid response) और सटीक हमले के लिए जाना जाता है।
इसकी तेजी और अचूक निशाने की क्षमता इसे कुछ हद तक क्रूज मिसाइल जैसा घातक बनाती है।
भविष्य की तैयारी
पिनाका भारत का एक बेहद सफल स्वदेशी हथियार सिस्टम है जिसे भारतीय सेना का मजबूत समर्थन प्राप्त है।
वर्तमान में भारत के पास पिनाका मार्क-1 और पिनाका मार्क-2 ऑपरेशनल हैं। वहीं, पिनाका मार्क-3 विकास के अंतिम चरण में है और सेना भविष्य में इसके मार्क-4 और मार्क-5 संस्करणों की भी तैयारी कर रही है।
पिनाका ER निश्चित रूप से भविष्य के युद्धों में एक गेम चेंजर साबित होने जा रहा है।










