चुनाव आयोग के खिलाफ हल्ला बोल: संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च
विपक्ष का निर्वाचन आयोग के खिलाफ हल्ला बोल: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, संसद से ‘निर्वाचन सदन’ तक मार्च आज”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश की राजधानी में मंगलवार का दिन सियासी गहमागहमी और भारी विरोध प्रदर्शन के नाम रहने वाला है।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR – मतदाता सूची पुनरीक्षण) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है।
‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) और अन्य विपक्षी दलों के सांसद आज सुबह 11 बजे संसद भवन के ‘मकर द्वार’ से लेकर चुनाव आयोग के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ तक एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने जा रहे हैं।
विपक्ष की सबसे बड़ी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाना है। इस बड़े और अहम विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है।
विजय चौक और उसके आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई स्तरों की बैरिकेडिंग (Multi-layer barricading) कर दी गई है।
मार्च की रूपरेखा और कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जानकारी दी कि सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) के अध्यक्षों और प्रभारियों की दो घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें इस मार्च की रणनीति तय की गई।
योजना के अनुसार, सभी विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर इकट्ठा होंगे और 11 बजे निर्वाचन सदन की ओर प्रस्थान करेंगे।
विपक्ष के आरोप: ’13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए’
विपक्ष का आरोप है कि निर्वाचन आयोग सत्तारूढ़ दल के इशारे पर काम कर रहा है और मतदाता सूचियों से सुनियोजित तरीके से नाम काटे जा रहे हैं।
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BJD का कड़ा रुख: बीजू जनता दल (BJD) जो न तो एनडीए और न ही इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है, वह भी इस मार्च में शामिल हो रही है।
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बीजेडी सांसद सुलता देव ने कहा, “सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जो किया, वह लोकतंत्र की हत्या है। अकेले ओडिशा में 27.50 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
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पूरे देश में कुल 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए गए। यह सब किसके इशारे पर हो रहा है? यह स्पष्ट है कि आदेश भाजपा दफ्तर से आ रहे हैं। हमारे नेता नवीन पटनायक शुरू से ही CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।”
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अखिलेश यादव का वार: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने भी निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है, जैसे केवल भाजपा समर्थकों को ही वोट देने का अधिकार हो।
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उन्होंने हालिया उपचुनावों में उत्तर प्रदेश और बंगाल में बूथ कैप्चरिंग और गड़बड़ी के आरोप लगाए, साथ ही ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को व्यवस्था को प्रभावित करने की एक सोची-समझी रणनीति बताया।
दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद
सांसदों के इस पैदल मार्च के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके में, विशेषकर संसद से लेकर अशोक रोड स्थित निर्वाचन सदन तक, सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।
दिल्ली पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर दिया है और विजय चौक के पास बैरिकेड्स लगा दिए हैं ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
विपक्ष का ‘निर्वाचन आयोग’ तक मार्च: प्रमुख कारण और आरोप
| विषय / पहलू | महत्वपूर्ण जानकारी |
| विरोध का मुख्य कारण | ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां |
| विपक्ष की मुख्य मांग | मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना |
| मार्च का रूट | संसद के ‘मकर द्वार’ से ‘निर्वाचन सदन’ (ECI मुख्यालय) तक |
| समय और भागीदार | सुबह 11:00 बजे; इंडिया ब्लॉक, कांग्रेस, और BJD के सांसद |
| विपक्ष के गंभीर आरोप | देश भर में 13 करोड़ और ओडिशा में 27.50 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए |
| अखिलेश यादव का बयान | ECI भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है; उपचुनावों में बूथ कैप्चरिंग का आरोप |
| प्रशासनिक तैयारी | विजय चौक और आसपास मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल तैनात |











