बंगाल उपचुनाव: वोट डालते ही AJUP नेता हुमायूं कबीर गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल उपचुनाव में हाई-वोल्टेज ड्रामा: वोट डालते ही AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर गिरफ्तार, पुलिस पर लगाया ‘वोट हाईजैक’ का आरोप”
मुर्शिदाबाद/कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर मंगलवार को हो रहे उपचुनाव के दौरान मतदान के दिन ही बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला।
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और नौदा से विधायक हुमायूं कबीर को अपना वोट डालने के तुरंत बाद पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने कबीर पर मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है,
जबकि कबीर ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन पर चुनाव को ‘हाईजैक’ करने का सनसनीखेज आरोप जड़ दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद रेजीनगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है।
‘सरकार बनी हुई है, फिर वोट हाईजैक क्यों?’ – हुमायूं कबीर का तीखा हमला
वोट डालने के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “आरोप तो अभी शुरू हुए हैं। हकीकत यह है कि पुलिस खुद कई बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया को हाईजैक कर रही है।”
कबीर ने सवाल दागते हुए कहा कि जब राज्य में सरकार पहले से ही पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में है, तो फिर इस तरह से चुनावी प्रक्रिया में अनुचित दखलअंदाजी करने और वोट हाईजैक करने की क्या ज़रूरत है?
उन्होंने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का काम है, लेकिन वे इसके विपरीत जाकर मतदाताओं और विपक्ष को दबाने में लगे हैं।
64 समर्थकों को हिरासत में लेने का दावा
AJUP प्रमुख ने पूर्व में हुए विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि उस समय मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा था और गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं लगा था।
कबीर ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से स्थानीय पुलिस की कार्रवाई बेहद आक्रामक हो गई है और पुलिसकर्मी लगातार विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले और अत्याचार कर रहे हैं।
कबीर ने यह भी दावा किया कि उपचुनाव के दौरान पुलिस ने उनके 64 कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिरासत में लिया है।
इसके तुरंत बाद पुलिस ने हुमायूं कबीर को अपनी गाड़ी में बैठाया और रेजीनगर पुलिस थाने ले गई।
क्या है रेजीनगर सीट का सियासी समीकरण?
रेजीनगर विधानसभा सीट का यह उपचुनाव बेहद प्रतिष्ठापूर्ण माना जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से पहले निलंबित और बाद में निष्कासित किए जाने के बाद हुमायूं कबीर ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) का गठन किया।
बाद के चुनाव में कबीर ने नौदा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और उसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया,
जिसके चलते खाली हुई रेजीनगर सीट पर उनकी पार्टी ने उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद को चुनावी मैदान में उतारा है।
बेटे की साख और अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए कबीर पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिसके चलते इस सीट के नतीजों पर पूरे बंगाल की निगाहें टिकी हुई हैं।
रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव: विवाद और सियासी घटनाक्रम
| विवरण / पहलू | महत्वपूर्ण जानकारी |
| विधानसभा क्षेत्र | रेजीनगर (मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल) |
| गिरफ्तार नेता | हुमायूं कबीर (संस्थापक, आम जनता उन्नयन पार्टी – AJUP व विधायक नौदा) |
| गिरफ्तारी का समय | मंगलवार सुबह, मतदान केंद्र पर वोट डालने के तुरंत बाद |
| पुलिस का आरोप | मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अशांति फैलाने की कोशिश |
| हुमायूं कबीर का आरोप | पुलिस द्वारा बूथों पर ‘वोट हाईजैक’ करना और मतदाताओं पर अत्याचार |
| हिरासत का दावा | कबीर के अनुसार पुलिस ने 64 पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया |
| AJUP प्रत्याशी | गुलाम नबी आज़ाद (हुमायूं कबीर के पुत्र) |
| सीट रिक्त होने की पृष्ठभूमि | कबीर का TMC से निष्कासन, इस्तीफा और नौदा से विधायक चुना जाना |











