Maharashtra civic poll results BJP reaction

बीएमसी जीत पर सुधांशु त्रिवेदी बोले- ‘GenZ ने विकसित भारत पर लगाई मुहर

“महायुति की ऐतिहासिक जीत पर भाजपा गदगद; ‘इंडिया’ गठबंधन के अस्तित्व पर उठाए सवाल, कहा- नकारात्मक राजनीति हुई खारिज”

[ब्यूरो रिपोर्ट | नई दिल्ली]

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के रुझानों में महायुति गठबंधन को मिल रहे स्पष्ट बहुमत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ऐतिहासिक जीत करार दिया है।

शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा 98 सीटों पर बढ़त के साथ बीएमसी में ‘सबसे बड़ी पार्टी’ बनकर उभरी है।

त्रिवेदी ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और महाराष्ट्र की जनता के विश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी ने एक बार फिर विकास की राजनीति को चुना है।

“एशिया के सबसे बड़े निकाय में पीएम मोदी पर भरोसा”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “आज महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में भाजपा और हमारे गठबंधन सहयोगियों ने एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की है। यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए को जनता का लगातार समर्थन मिल रहा है। बीएमसी न केवल भारत में, बल्कि संभवतः एशिया में भी सबसे बड़े और समृद्ध नगर निकायों में से एक है। इस सफलता के लिए हम महाराष्ट्र की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हैं।”

“युवा पीढ़ी (GenZ) ने विकास को चुना”

भाजपा सांसद ने चुनाव परिणामों का विश्लेषण करते हुए एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि यह जीत इसलिए खास है क्योंकि युवा पीढ़ी ने ‘महायुति’ को विकास की जिम्मेदारी सौंपी है।

त्रिवेदी ने कहा, “मैं कह सकता हूं कि महाराष्ट्र की जनता ने भारत के इस नए विकास मॉडल पर मुहर लगा दी है। मुझे लगता है कि GenZ (नई युवा पीढ़ी) ने ‘विकसित भारत’ के पक्ष में मतदान किया है। यह सफलता निश्चित रूप से देश के भविष्य के लिए एक बहुत ही सकारात्मक और आशाजनक संकेत है।”

विपक्ष पर तीखा हमला: “क्या ‘इंडिया’ गठबंधन जिंदा है?”

जीत के उत्साह के बीच त्रिवेदी ने विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने नकारात्मक राजनीति करने वालों को “मुंहतोड़ जवाब” दिया है।

विपक्षी एकता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “अब सवाल यह है कि क्या ‘इंडिया’ गठबंधन का अस्तित्व भी बचा है या नहीं? पश्चिम बंगाल में भी अब टीएमसी (TMC) और कांग्रेस के एक साथ चुनाव लड़ने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। यह परिणाम विपक्ष के बिखराव और जनता द्वारा उन्हें नकारे जाने का प्रमाण है।”