एनएचएआई ने टोल प्लाजा पर शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने और टोल संग्रहण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है।
NHAI का सख्त एक्शन: टोल प्लाजा पर गंदे शौचालयों के लिए एजेंसियों पर लगेगा जुर्माना, ‘नॉन-परफॉर्मर’ होंगी घोषित”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
एनएचएआई ने टोल प्लाजा पर स्थित शौचालयों, टोल संग्रह बूथों और आसपास के क्षेत्रों के उचित रखरखाव के लिए निगरानी और प्रवर्तन (Monitoring and Enforcement) की सख्त व्यवस्था लागू कर दी है।
इस नागरिक-केंद्रित पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए जिम्मेदार एजेंसियां निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करें।
नई व्यवस्था के तहत, उपयोगकर्त्ता शुल्क संग्रहण (टोल) एजेंसियों के लिए सेवा मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
साप्ताहिक जांच: एनएचएआई के अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार इन सुविधाओं का भौतिक निरीक्षण करेंगे।
कारण बताओ नोटिस: कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तय समय-सीमा के भीतर सुधार का निर्देश दिया जाएगा।
पारदर्शिता (डेटा लेक पोर्टल): पारदर्शिता के लिए, नोटिस के साथ दिनांकित तस्वीरें एनएचएआई के ‘डेटा लेक पोर्टल’ पर अपलोड की जाएंगी।
एजेंसी को भी सुधार के बाद की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी, जिसकी निगरानी क्षेत्रीय इकाइयां करेंगी।
यदि कोई एजेंसी अनुबंध या निर्धारित सेवा मानकों का उल्लंघन करती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रावधान: यदि अनसुलझी कमियों को लेकर जारी नोटिसों की संख्या एजेंसी द्वारा संचालित कुल टोल प्लाजा की संख्या के 10 प्रतिशत तक पहुंच जाती है या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे ‘अनिष्पादक’ (Non-Performer) घोषित कर दिया जाएगा।
टेंडर से किया जाएगा बाहर: ऐसी एजेंसी 15 दिनों तक या कमियां दूर होने तक एनएचएआई के किसी भी नए टोल अनुबंध या सिविल कार्यों की निविदा (Tender) प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगी।
नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एनएचएआई ने 2025 में ‘स्वच्छ शौचालय चित्र चुनौती’ की शुरुआत की है।
यात्री ‘राजमार्गयात्रा’ (RajmargYatra) मोबाइल ऐप के जरिए टोल प्लाजा पर गंदे शौचालयों की जियो-टैग (Geo-tagged) तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं।
ऐसी सही सूचना देने वाले प्रत्येक पात्र वाहन को फास्टैग रिचार्ज (FASTag Recharge) के रूप में 1,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।
| मुख्य पहलू (Key Aspects) | नए नियम और प्रावधान (New Rules & Provisions) |
| 🔍 निरीक्षण व्यवस्था | NHAI अधिकारियों द्वारा सप्ताह में कम से कम एक बार भौतिक निरीक्षण। |
| 💻 डिजिटल मॉनिटरिंग | खामियों और सुधार की तस्वीरें ‘डेटा लेक पोर्टल’ पर अपलोड करना अनिवार्य। |
| 🚫 सख्त दंडात्मक कार्रवाई | 10% से अधिक अनसुलझी कमियों पर एजेंसी ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित; टेंडर प्रक्रिया से 15 दिन के लिए बाहर। |
| 📱 जनभागीदारी (Citizen Role) | ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप के जरिए गंदे शौचालय की फोटो अपलोड करने की सुविधा। |
| 🎁 नागरिक पुरस्कार | सही शिकायत दर्ज कराने वाले यात्री को ₹1,000 का फास्टैग रिचार्ज। |
नशे के अंधकार से आत्मनिर्भरता के उजाले तक: गोरखपुर के इमरान की प्रेरणादायक कहानी" गोरखपुर:…
भिक्षावृत्ति मुक्त भारत: नई दिल्ली में 14 अक्टूबर को महा-आयोजन, 2031 तक 100 शहरों को…
‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान’: मेरा युवा भारत ने 1,469 जगहों पर आयोजित किए यूथ…
नई दिल्ली में पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की ऐतिहासिक बैठक; अमित शाह बोले- "मेजबानी करना…
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का NDC में संबोधन: 'भारत का लक्ष्य प्रभुत्व जमाना नहीं, बल्कि अपनी…
जौनपुर: चकबंदी वादों के निस्तारण में लापरवाही पर DM सख्त, सभी चकबंदी अधिकारियों को 'कारण…