बद्दी – अमरावती कालोनी में न्यूरोथैरेपी वैलनेस सेंटर का हुआ उद्घाटन

“बद्दी शहर की अमरावती कॉलोनी में न्यूरोथैरेपी सेंटर का शुभारंभ सोसायटी के अध्यक्ष अभ्य गिरी ने दीप प्रज्जवलित करके किया। शहर में पहले ही साइ रोड पर असाध्य रोगों को ठीक करने वाला वैलनेस सेंटर चल रहा है, लेकिन अब अमरावाती और फेस तीन के लोगों की सुविधा को देखते हुए यह दूसरा सेंटर स्थापित किया गया है”

बद्दी १८ / ११ / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

अभ्य गिरी ने कहा कि हमारी कॉलोनी के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात है, जहां अब विभिन्न बीमारियों से पीडि़त लोगों को घरद्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन दुनिया भारतीय चिकित्सा पद्दति को महान मानते हुए उसकी और मुड़ रही है।

क्योंकि भारतीय पारंपरिक चिकित्सा द्वारा ही हर बीमारी का जड़ से इलाज संभव है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक चिकित्सा पद्दति योग, आयुर्वेद, मर्म चिकित्सा पंच महाभूत चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा आदि को गौरव दें और इन्हें घर घर तक पहुंचाने में हरसंभव प्रयास करें।

यह बद्दी और नालागढ़ वासियों के लिए खुशी की बात है कि अब यहां पर भी प्राकृतिक चिकित्सा, न्यूरोथेरेपी चिकित्सा और योग के केंद्र खुल गए हैं। इससे आम जनता को बहुत लाभ मिलेगा जो महंगे इलाज करवाने में असमर्थ रहते हैं उनके लिए यह केंद्र संजीवनी का केंद्र बनेंगे।

सेंंटर के संचालक न्यूरोथेरेपिस्ट मोहिंदर पाल ने कहा कि न्यूरोथेरेपी बहुत ही प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्दति है, जिसमें रोगों को ध्यान में रखते हुए शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर दबाव देने से हर बीमारी का इलाज किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इसमें पेट से संबंधित रोग जैसे नाभि की समस्या, गैस बनना,कब्ज रहना, भूख न लगना, दस्त, एसिडिटी, जोडों के दर्द जैसे गर्दन दर्द, कमर दर्द, स्लिप डिस्क, सियाटिका, सर्वाइकल, महिलाओं की समस्या संबंधी रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, एगसिमा, सोरायसिस, सफेद दाग, चेहरे व सिर के दाग, मुंहांसे, मोतिया, नींद न आना, यादाशस्त कमजोर होना, सिर दर्द, माइग्रेन, जुकाम, अस्थमा, थाइरोइड, पैरालसिस, हृदय रोग, लंबाई का न बढऩा, मोटापा आदि बीमारी का सफलता पूर्वक इलाज किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस वेलनेस सेंटर का मुख्य उद्देश्य आम जनता को छुपी हुई भारतीय चिकित्सा विज्ञान से अवगत करवाना है, जिसके सहारे हर व्यक्ति स्वयं के शरीर की प्रकृति को समझते हुए खुद का वैद्य बने और स्वयं को निरोगी रख सके। क्योंकि भारतीय चिकित्सा पद्दति आम व्यक्ति के लिए और सब का हेल्थ बजट जीरो परसेंट रखने में सक्षम है।

Santosh SETH

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