नीट विवाद: सरकार आई एक्शन मोड में, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त
नीट पेपर लीक: NTA पर गिरी गाज, 47 अधिकारी बर्खास्त; 10 साल की सजा और 10 करोड़ जुर्माने का बिल सोमवार को होगा पेश”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
नीट (NEET) पेपर लीक मामले से नाराज छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार लाने के उद्देश्य से NTA के 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है।
इसके साथ ही सरकार पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने के लिए एक बेहद सख्त कानून लाने जा रही है, जिसे सोमवार को संसद में पेश किया जाएगा।
NTA में ‘सफाई’ अभियान: 47 बर्खास्त, कई पर क्रिमिनल केस
नीट पेपर लीक विवाद के बाद से ही NTA की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी। अब सरकार ने एजेंसी के भीतर बड़े स्तर पर बदलाव शुरू कर दिए हैं:
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नौकरी से छुट्टी: एजेंसी की साख बहाल करने और सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है।
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क्रिमिनल कार्रवाई: सूत्रों के मुताबिक, बर्खास्त किए गए इन अधिकारियों में से कुछ के खिलाफ कानूनी और आपराधिक (Criminal) कार्रवाई भी की जाएगी।
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आगे भी गिरेगी गाज: आने वाले दिनों में कई और अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं: हालांकि, विपक्ष और छात्रों के लगातार दबाव के बावजूद सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
पेपर लीक पर अब 10 साल की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना
पेपर लीक जैसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए मोदी सरकार ‘ब्रह्मास्त्र’ लाने की तैयारी कर चुकी है।
गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर सख्त कानून का भरोसा दिया था।
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कैबिनेट की मुहर: शुक्रवार को कैबिनेट कमेटी ने इस नए और कड़े विधेयक के मसौदे को अपनी मंजूरी दे दी है। अब सोमवार को इसे संसद के पटल पर रखा जाएगा।
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क्या है सजा का प्रावधान: नए कानून के तहत पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
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3 महीने में फैसला: इन मामलों की सुनवाई के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ का गठन होगा, जो महज तीन महीने के अंदर दोषियों को सजा सुनाएगा। नीट पेपर लीक के आरोपी पहले ही सलाखों के पीछे हैं और कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
क्या है NTA का इतिहास और मौजूदा ढांचा?
सरकार ने साल 2017 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन किया था।
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6 करोड़ से ज्यादा छात्रों की ली परीक्षा: 2018 से लेकर अब तक यह एजेंसी कुल 270 बड़ी परीक्षाएं करवा चुकी है, जिनमें करीब 6 करोड़ 60 लाख छात्र शामिल हुए हैं।
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इस साल का आंकड़ा: इस साल अब तक NTA ने 12 परीक्षाएं आयोजित कराई हैं, जिनमें 65 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया है।
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स्टाफ की भारी कमी: एजेंसी के ढांचे पर नजर डालें तो यहां केवल 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से भी सिर्फ 24 पर लोग कार्यरत हैं और 15 पद खाली हैं।
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पूरी एजेंसी संविदा (73 कर्मचारी) और आउटसोर्सिंग (124 कर्मचारी) के भरोसे चल रही है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चिंता का विषय रहा है।











