महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर एनडीए को अकाली दल का समर्थन मिला। पीएम मोदी ने 45 सांसदों संग बैठक की।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर NDA का मास्टरस्ट्रोक, अकाली दल का मिला साथ; PM मोदी ने की 45 सांसदों संग बैठक”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
केंद्र सरकार ‘महिला आरक्षण विधेयक’ (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) और आगामी ‘परिसीमन’ (Delimitation) प्रक्रिया को लेकर बड़ी राजनीतिक तैयारी कर रही है।
सरकार संवैधानिक संशोधनों को पारित कराने के लिए संसद में जरूरी दो-तिहाई बहुमत (करीब 360 सांसदों) का आंकड़ा जुटाने में लगी है।
इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए (NDA) कुनबे का विस्तार करते हुए 45 सांसदों के साथ अहम बैठक की।
वहीं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
I wholeheartedly welcome this very important decision taken by Shiromani Akali Dal following the example set by Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee @SGPCAmritsar
We must come together to empower Women with a fair & equitable Delimitation that ensures equal representation. https://t.co/WBsLL0DEFu
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 8, 2026
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की शिरोमणि अकाली दल (SAD) की मांग का जोरदार स्वागत किया है।
रिजिजू ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“मैं शिरोमणि अकाली दल के इस महत्वपूर्ण फैसले का दिल से स्वागत करता हूं। हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक निष्पक्ष और समान परिसीमन सुनिश्चित करने के साथ एकजुट होकर काम करना चाहिए।”
SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ में वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की।
बादल ने कहा कि उनकी पार्टी की सोच सिख गुरुओं की शिक्षाओं और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की मिसाल से प्रेरित है।
परिसीमन पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बादल ने कहा,
“परिसीमन ऐसा होना चाहिए कि किसी भी राज्य का हित प्रभावित न हो। हम सभी राज्यों की सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। कोई भी राज्य नई व्यवस्था में नुकसान में नहीं रहना चाहिए।”
📍 #नवी_दिल्ली |
देशाचे आदरणीय पंतप्रधान @narendramodi जी यांची आज त्यांच्या नवी दिल्ली येथील निवासस्थानी उपस्थित राहून #शिवसेना खासदारांसह सदिच्छा भेट घेतली. या भेटीत लोकसभेचे संसदीय अधिवेशन, त्यातील कामकाज, शिवसेनेच्या खासदारांची भूमिका तसेच राज्यात सुरू असलेली विकासकामे,… pic.twitter.com/l9C8ZrxrRt
— Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) August 7, 2026
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संसद के आगामी सत्रों की रणनीति को लेकर पीएम मोदी ने हाल ही में एनडीए से जुड़े 45 सांसदों को नाश्ते पर आमंत्रित किया।
इसमें NCPI, शिवसेना (शिंदे गुट), RPI, AIADMK और UPPL के सांसद शामिल हुए। सबसे ज्यादा चर्चा तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर एनडीए में आए NCPI के 20 सांसदों की रही।
इनमें 3 मुस्लिम सांसद—खलील-उर-रहमान, अबु ताहेर खान और यूसुफ पठान भी शामिल थे। यूसुफ पठान ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि वे देशहित में आने वाले हर विधेयक का समर्थन करेंगे।
पिछली बार महिला आरक्षण बिल पर सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था (पक्ष में 298, विरोध में 230)। इस तरह के संविधान संशोधन के लिए लगभग 360 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
एनडीए को अब TMC से टूटे 20 और शिवसेना (शिंदे गुट) के 6 सांसदों के समर्थन से आंकड़ा 324 तक पहुंचने की उम्मीद है।
यदि YSRCP और DMK का साथ मिलता है, तो यह आंकड़ा आसानी से 350 के पार जा सकता है।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने भी पीएम मोदी से मुलाकात कर परिसीमन का समर्थन किया। वहीं, सुखबीर सिंह बादल और पीएम मोदी की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और अकाली दल के बीच फिर से गठबंधन हो सकता है, जिससे एनडीए का कुनबा और मजबूत होगा।
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