राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए एक आसानी से याद रहने वाला नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14490 जारी किया है, जो 24x7 काम करेगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए NCW का बड़ा कदम: संकट में तुरंत मदद के लिए जारी किया 24×7 हेल्पलाइन नंबर ‘14490’; मिलेगी मनोवैज्ञानिक सहायता”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक समर्पित और आसानी से याद रहने वाला नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14490 जारी किया है।
यह हेल्पलाइन महिलाओं को किसी भी संकट या घरेलू हिंसा की स्थिति में तत्काल सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे (24×7) काम करेगी।
यह नंबर ‘डिजिटल इंडिया’ के सिद्धांतों पर आधारित एक डिजिटल शिकायत पंजीकरण प्रणाली के रूप में भी कार्य करेगा।
शॉर्ट कोड नंबर: यह नया 5 अंकों का आसानी से याद रहने वाला शॉर्ट कोड (14490) राष्ट्रीय महिला आयोग की मौजूदा 10 अंकों वाली हेल्पलाइन (7827170170) से ही जुड़ा हुआ है।
कौन कर सकता है कॉल? 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई भी महिला या लड़की संकट के समय, आपातस्थिति में या शिकायत दर्ज कराने के लिए इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकती है।
मनोवैज्ञानिक सहायता (Counseling): चूंकि दुर्व्यवहार और घरेलू हिंसा महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं, इसलिए यह हेल्पलाइन प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा संचालित है।
यहां प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं (Counselors) द्वारा तुरंत पेशेवर सहायता दी जाती है।
डिजिटल एक्सेस पॉइंट: यह हेल्पलाइन शिकायत पंजीकरण के साथ-साथ रेफरल सहायता और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का एक सिंगल ‘डिजिटल एक्सेस प्वाइंट’ बन गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग प्राप्त शिकायतों की जांच करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक बेहद पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करता है:
समीक्षा और पंजीकरण: सबसे पहले शिकायतों की जांच की जाती है। जो शिकायतें आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, उन्हें रजिस्टर करके एक ‘यूनिक केस नंबर’ दिया जाता है।
कार्रवाई और निगरानी: मामले की गंभीरता के आधार पर शिकायतों को पुलिस और संबंधित प्राधिकारियों के पास उठाया जाता है। आयोग पुलिस जांच में तेजी लाने और वैधानिक प्रावधानों के उचित कार्यान्वयन की सीधे निगरानी करता है।
मध्यस्थता और जांच समिति: कई मामलों को मध्यस्थता और परामर्श के माध्यम से सुलझाया जाता है। वहीं, गंभीर अपराधों के मामलों में NCW एक विशेष ‘जांच समिति’ का गठन करता है, जो मौके पर जाकर मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करती है।
NCW का यह हेल्पलाइन नंबर सिर्फ मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्राप्त शिकायतों का डेटा पुलिस कर्मियों, न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों को संवेदनशील बनाने (Sensitization) के लिए ‘केस स्टडी’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इससे महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने वाले संस्थानों की कमियों को दूर करने में भी भारी मदद मिल रही है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की यह हेल्पलाइन देशभर में महिलाओं के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और न्याय प्रणाली में उनका विश्वास बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
LPU में बेकाबू बवाल: इंटरनेट सेवाएं बंद, डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ीं; 'दातर' और वॉकी-टॉकी के…
सिंहस्थ 2028: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने पर बवाल;…
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग के 5 बड़े फैसले: अब घर बैठे होगा वेरिफिकेशन,…
करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए TRAI का बड़ा फैसला: बिना डेटा वाले 'Voice और SMS-Only'…
आम जनता को बड़ी राहत: सोमवार से होने वाली 3 दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल टली,…
SIR और चुनाव आयोग विवाद पर सीएम योगी का विपक्ष पर पलटवार: कहा- 'कांग्रेस के…