“हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में पुलिस थाने के समीप हुए संदिग्ध धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य की CID ने कमान संभाल ली है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन चंडीगढ़ से आई NIA की टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य और सैंपल जुटाए”
नालागढ़ (बद्दी) 04 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के शांत कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में पुलिस थाने के पास हुए संदिग्ध धमाके ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य सीआईडी (CID) की टीमों ने क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन एनआईए की टीम ने चंडीगढ़ से पहुंचकर घटनास्थल का पांच घंटे तक गहन निरीक्षण किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया जब प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट में दावा किया गया कि हिमाचल में बन रहे कृत्रिम नशीले पदार्थों (Drugs) के पंजाब में फैलने और उस पर पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में यह धमाका किया गया है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ड्रग्स माफिया पर लगाम नहीं लगी, तो अगला निशाना पुलिस मुख्यालय और वाहन होंगे, जहाँ IED का उपयोग किया जा सकता है।
एनआईए की टीम ने शनिवार को घटनास्थल से धमाके से संबंधित महत्वपूर्ण रासायनिक नमूने और मिट्टी के सैंपल लिए। इसके साथ ही, जांच टीम ने आसपास के करीब 20 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली है ताकि धमाके से पहले की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया जा सके। अभी पूरी जांच FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि विस्फोटक किस प्रकृति का था।
बद्दी के एसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण कर रखा है। मामले की जांच के लिए साइबर सेल, सीसीटीवी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में:
बीएनएस (BNS) की धारा 324(4), 125
एक्सप्लोजिव सब्सटेंस एक्ट (Explosive Substance Act) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस पंजाब पुलिस और पड़ोसी राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी लगातार संपर्क में है।
पुलिस थाने के इतने करीब धमाका होना और प्रतिबंधित संगठनों द्वारा इसकी जिम्मेदारी लेना, प्रदेश की खुफिया एजेंसियों (Intelligence) की सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
दक्षिण रेंज की डीआईजी अंजुम आरा के अनुसार, “सभी टीमें अपने स्तर पर काम कर रही हैं और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद धमाके की तकनीकी जानकारी साझा की जाएगी।”
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार एनआईए की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि “धमाके वाली जगह पर पहले कबाड़ हुआ करता था, इसलिए अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”
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