नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जेपी नड्डा ने विपक्ष को राजनीति न करने की नसीहत दी है, जबकि राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
नीट पेपर लीक पर आर-पार: नड्डा बोले- ‘छात्रों पर राजनीति न करे विपक्ष’, राहुल गांधी ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
नीट (NEET) पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के उग्र प्रदर्शन को लेकर देश की सियासत गरमा गई है।
इस मुद्दे पर बुधवार को पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, जिसके तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष पर करारा पलटवार किया।
सरकार की तरफ से मोर्चा संभालते हुए जेपी नड्डा ने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक का मुद्दा पूरी तरह से जांच का विषय है और विपक्ष को इससे राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “पेपर लीक एक बहुत गंभीर समस्या है और इस पर गहराई से चर्चा करने की जरूरत है। स्टूडेंट्स ने जो मुद्दे उठाए हैं वो एकदम सही हैं। सिस्टम में जहां भी लूपहोल्स (कमियां) हैं, उन्हें ठीक किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
नड्डा ने आश्वासन दिया कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक प्रेजेंटेशन देकर 150 पेपर लीक का जिक्र किया था। इस पर जेपी नड्डा ने राहुल को ‘सेलेक्टिव’ बताते हुए उन राज्यों का जिक्र किया जहां विपक्ष की सरकारें हैं। नड्डा ने कहा:
“जम्मू-कश्मीर (NC-कांग्रेस सरकार) में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड का पेपर लीक हुआ।”
“हिमाचल प्रदेश (कांग्रेस सरकार) में राज्य के स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड का पेपर लीक हुआ।”
“झारखंड (JMM-कांग्रेस सरकार) में हिंदी और विज्ञान के पेपर लीक हुए।”
“तेलंगाना (कांग्रेस-CPI समर्थित सरकार) में इंटरमीडिएट और SSC लैंग्वेज के पेपर लीक हुए।”
नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वह इन राज्यों के पेपर लीक पर चुप क्यों हैं? साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के 150 पेपर लीक वाले बयान की भी पूरी जांच की जाएगी और सच्चाई देश के सामने रखी जाएगी।
नड्डा ने विपक्ष की चर्चा की मांग पर भी खुला आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “हम हमेशा से चाहते थे कि पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा हो। कार्य सलाहकार समिति में विपक्ष तय करे कि कितना समय लेना है। आप 12 घंटे ले सकते हैं, 18 घंटे ले सकते हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में मैं कहता हूँ कि विपक्ष जितने घंटे की चर्चा चाहे, हम उसके लिए तैयार हैं।”
इससे पहले शाम 4 बजे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन के तहत देश की शिक्षा प्रणाली में पूरी तरह से धांधली की गई है।
राहुल गांधी ने छात्रों की तरफ से सरकार के सामने तीन मांगें रखीं। उनकी सबसे प्रमुख मांग यह है कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
इधर, जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे जाने-माने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के पास 55 सांसदों की चिट्ठी पहुंची है, जिसमें उन्हें समर्थन दिया गया है।
अब वांगचुक को सरकार की तरफ से एक आधिकारिक आश्वासन (चिट्ठी) का इंतजार है। वांगचुक चाहते हैं कि सरकार भरोसा दे कि प्रदर्शन कर रहे किसी भी छात्र पर लाठीचार्ज नहीं होगा,
किसी पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा और कोई भी छात्र हिरासत में नहीं लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही सोनम वांगचुक की ये मांगें मान सकती है।
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