MEA spokesperson giving briefing on MT Settebello and MT Jalveer ship incidents

MT Settebello हमला: 3 भारतीय नाविकों की पहचान, MEA का बयान

🚨 विदेशी जहाजों पर बड़ा हमला: MT Settebello में 3 भारतीय नाविकों की मौत, MEA ने की पहचान, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव और समुद्री सुरक्षा संकट के बीच एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि विदेशी झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज MT सेटेबेल्लो (MT Settebello) पर हुए हालिया हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है।

भारत सरकार ने मारे गए तीनों नाविकों की पहचान कर ली है और अब उनके पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द स्वदेश लाने के लिए उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग और इन जहाजों पर हुई कार्रवाई की पूरी सच्चाई:

🗣️ विदेश मंत्रालय (MEA) का आधिकारिक बयान

गुरुवार को पश्चिम एशिया में हालिया समुद्री घटनाओं पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस दौरान सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्थिति को स्पष्ट किया।

MT सेटेबेल्लो पर हुए हमले का जिक्र करते हुए जायसवाल ने कहा, “मारे गए तीनों भारतीय क्रू सदस्यों की पहचान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता उनके शवों को जल्द से जल्द भारत भेजना है।”

🚢 अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई और विदेशी झंडे वाले जहाज

विदेश मंत्रालय ने एक और महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए बताया कि एक अन्य जहाज MT जलवीर (MT Jalveer) पर उस इलाके में तैनात अमेरिकी नौसेना (US Navy) की ओर से हमला किया गया था।

जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में शामिल कोई भी जहाज भारतीय मालिकाना हक वाला नहीं है:

  • पलाऊ और गिनी के झंडे: घटनाओं में शामिल कुल तीन जहाजों में से दो जहाज ‘पलाऊ’ (Palau) के झंडे के तहत पंजीकृत थे।

  • गुरुवार का हमला: जिस तीसरे जहाज पर गुरुवार को हमला हुआ, वह ‘गिनी’ (Guinea) के झंडे वाला था।

🚫 OFAC प्रतिबंध और ‘नॉन-कम्प्लायंट’ जहाजों का सच

अमेरिकी कार्रवाई का कारण स्पष्ट करते हुए MEA प्रवक्ता ने बताया कि ये जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के घेरे में थे।

  • OFAC प्रतिबंध: इनमें से दो जहाजों पर अमेरिका के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (OFAC) द्वारा कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे।

  • नॉन-कम्प्लायंट जहाज: तीसरा जहाज नियमों का पालन न करने वाले यानी ‘नॉन-कम्प्लायंट’ (Non-compliant) जहाजों की श्रेणी में आता था, जिसके कारण उन पर यह सैन्य कार्रवाई हुई।

🔥 MT जलवीर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इस बीच, बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बिटुमेन टैंकर MT जलवीर (MT Jalveer) से जुड़ी समुद्री सुरक्षा घटना पर अहम अपडेट दिया है।

राहत की बात यह है कि MT जलवीर पर अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।

ओमान के तट पर शिनास (Shinas) बंदरगाह के पास इस जहाज के इंजन रूम में अचानक आग लगने के कारण भारी धुआं देखा गया था।

मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने (Rescue Operation) का काम तेजी से चल रहा है।

अधिकांश लोगों को बचा लिया गया है, जबकि छह और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला जाना अभी बाकी है।

नोट: देशभर की राजनीति, कूटनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।