A government employee taking a digital learning course on a laptop via the iGOT Karmayogi portal

मिशन कर्मयोगी: iGOT पोर्टल पर 1.7 करोड़ कर्मचारी पंजीकृत

मिशन कर्मयोगी की बड़ी सफलता: iGOT पोर्टल से जुड़े 1.7 करोड़ सरकारी कर्मचारी, 14 करोड़ से ज्यादा कोर्स हुए पूरे”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल विकास को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया ‘मिशन कर्मयोगी’ (Mission Karmayogi) अपने लक्ष्यों को तेजी से हासिल कर रहा है।

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शानदार प्रगति और ‘आईगॉट कर्मयोगी’ (iGOT Karmayogi) डिजिटल लर्निंग पोर्टल के विस्तार की विस्तृत जानकारी दी।

‘नियम-आधारित’ से ‘भूमिका-आधारित’ व्यवस्था की ओर कदम

सितंबर 2020 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (NPCSCB) के रूप में ‘मिशन कर्मयोगी’ को मंजूरी दी गई थी।

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सरकारी मानव संसाधन प्रणाली को ‘नियम-आधारित’ (Rule-based) से बदलकर ‘भूमिका-आधारित’ (Role-based) बनाना है।

इसके माध्यम से ऐसे सिविल सेवकों का निर्माण किया जा रहा है, जो भारतीय मूल्यों और लोकाचार से जुड़े होने के साथ-साथ वैश्विक दृष्टिकोण भी रखते हों।

iGOT कर्मयोगी पोर्टल: 23 भाषाओं में डिजिटल शिक्षा

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने वाले iGOT कर्मयोगी पोर्टल ने अभूतपूर्व आंकड़े दर्ज किए हैं। मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा सदन में दी गई जानकारी के अनुसार:

  • पंजीकृत उपयोगकर्ता: पोर्टल पर अब तक 1.7 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी पंजीकृत हो चुके हैं।
  • पाठ्यक्रम और शिक्षण घंटे: विभिन्न क्षेत्रों और दक्षताओं से संबंधित 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम पोर्टल पर उपलब्ध हैं, जिनमें कुल 6,953 घंटे की शिक्षण सामग्री शामिल है।
  • बहुभाषी पहुंच: देश की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए ये कोर्स हिंदी और अंग्रेजी सहित 23 भाषाओं में उपलब्ध कराए गए हैं।
  • पूर्ण किए गए कोर्स: अब तक कर्मचारियों द्वारा 14.42 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।

सभी स्तरों पर क्षमता विकास

इस डिजिटल शिक्षा प्रणाली से केवल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और यहां तक कि शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं) के कर्मचारियों को भी जोड़ा गया है।

सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों (MDOs) के लिए अलग-अलग ‘क्षमता विकास योजनाएं’ तैयार की जा रही हैं, ताकि कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट भूमिका के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके।

इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर निगरानी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), क्षमता विकास आयोग (CBC) और स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) ‘कर्मयोगी भारत’ द्वारा की जा रही है।

निरंतर सीखने की भावना को बढ़ावा

सरकारी कर्मचारियों में लगातार नया सीखने की ललक पैदा करने के लिए सरकार विशेष अभियान भी चला रही है।

इसी कड़ी में अक्टूबर 2024 में ‘राष्ट्रीय शिक्षा सप्ताह – कर्मयोगी सप्ताह’ आयोजित किया गया था, और भविष्य की योजनाओं के तहत अप्रैल 2026 में ‘साधना सप्ताह’ जैसी विशेष पहल का आयोजन किया जाएगा।