Government reveals in Lok Sabha that every 1 rupee invested in the Kisan Credit Card Modified Interest Subvention Scheme yields a return of 2.30 rupees in the agriculture sector.
किसान क्रेडिट कार्ड योजना का कमाल: 1 रुपये के निवेश पर 2.30 रुपये का रिटर्न, बिना गारंटी लोन सीमा 2 लाख हुई”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत के कृषि क्षेत्र और किसानों के विकास के लिए चलाई जा रही ‘किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना’ के बेहद शानदार और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।
बेंगलुरु स्थित सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन संस्थान (ISEC) द्वारा किए गए तृतीय-पक्ष मूल्यांकन (Third-Party Evaluation) में यह बात सामने आई है कि
इस योजना के तहत निवेश किया गया प्रत्येक 1 रुपया कृषि और संबद्ध क्षेत्र में 2.30 रुपये का शुद्ध मूल्यवर्धन (Net Value Addition) कर रहा है।
वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की इस रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष साझा किए।
ब्याज का बोझ कम: इस योजना ने किसानों पर ब्याज का बोझ काफी कम कर दिया है। इसकी शुरुआत से लेकर वर्ष 2024-25 तक अनुमानित सब्सिडी राशि 1.87 लाख करोड़ रुपये रही है।
खेती के तरीके में सुधार: योजना के कारण फसल सघनता और बहु-मौसमी खेती पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसान अब बड़े क्षेत्रों में खेती कर रहे हैं और विभिन्न मौसमों में विविधतापूर्ण फसलें अपना रहे हैं।
ऋण अनुशासन बढ़ा: किसानों को पर्याप्त कार्यशील पूंजी समय पर मिल रही है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों (जिन्हें शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन मिलता है) ने बेहतरीन ऋण अनुशासन दिखाया है, जिससे बैंकों का भरोसा बढ़ा है।
पशुपालन और मत्स्य पालन को बूम: योजना ने केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और अंतर्देशीय मत्स्य पालन (विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में) के विस्तार को भी जबरदस्त बढ़ावा दिया है।
सरकार ने संस्थागत ऋण को और अधिक सुलभ और किफायती बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं:
| सरकार के नए कदम | विवरण |
| बिना गारंटी लोन सीमा में वृद्धि | बिना गारंटी (Collateral-free) लोन लेने की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है (1 जनवरी 2025 से प्रभावी)। |
| डिजिटल पहल | ऋण वितरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘किसान ऋण पोर्टल’, ‘जन समर्थ पोर्टल’, ‘ई-किसान क्रेडिट कार्ड’ और ‘कृषिका’ जैसी तकनीकें शुरू की गई हैं। |
| वार्षिक लक्ष्य निर्धारण | जमीनी स्तर पर कृषि ऋण लक्ष्यों और प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्यों का सालाना निर्धारण किया जा रहा है। |
इसके अलावा, किसानों को KCC योजना के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें, RBI और नाबार्ड मिलकर ‘किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्ति अभियान’ (KCC Saturation Campaign) और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं।
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