विश्व रक्तदान दिवस: महादान से बच सकती हैं लाखों जानें
🩸 विश्व रक्तदान दिवस विशेष: ‘रक्तदान है महादान’, जानिए कौन कर सकता है ब्लड डोनेट और क्या है इससे जुड़ी भ्रांतियों का सच “
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
स्वास्थ्य व्यवस्था में रक्त (Blood) की आवश्यकता सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज तक विज्ञान इसका कोई कृत्रिम विकल्प नहीं खोज पाया है।
सड़क दुर्घटनाओं, कैंसर, थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों और प्रसव के दौरान महिलाओं की जान बचाने के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता ही एकमात्र सहारा होती है।
इसी सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वैच्छिक रक्तदाताओं के योगदान को सम्मान देने के लिए हर वर्ष 14 जून को ‘विश्व रक्तदान दिवस’ (World Blood Donor Day) मनाया जाता है।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए समझते हैं रक्तदान का महत्व, इसका इतिहास और इससे जुड़े अहम नियम:
📅 विश्व रक्तदान दिवस का इतिहास
विश्व रक्तदान दिवस की शुरुआत वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।
-
पहला आयोजन: यह दिवस पहली बार वर्ष 2004 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा मनाया गया था।
-
14 जून ही क्यों?: 14 जून को ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिवस के रूप में चुना गया।
-
उन्होंने ही रक्त समूह (Blood Group) प्रणाली की खोज की थी, जिससे सुरक्षित रूप से रक्त चढ़ाने (Blood Transfusion) की आधुनिक प्रक्रिया संभव हो सकी।
🩺 कौन कर सकता है रक्तदान?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार रक्तदान के लिए कुछ निर्धारित मापदंड हैं:
-
आयु सीमा: सामान्य रूप से 18 से 65 वर्ष की आयु का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
-
शारीरिक स्वास्थ्य: रक्तदाता का वजन निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए और वह किसी गंभीर बीमारी या संक्रमण से मुक्त होना चाहिए।
-
प्रारंभिक जांच: रक्तदान से पहले रक्तचाप (BP), हीमोग्लोबिन स्तर और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण किया जाता है ताकि दाता और प्राप्तकर्ता दोनों सुरक्षित रहें।
💡 रक्तदान से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई
आज भी समाज में रक्तदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना अत्यंत आवश्यक है:
-
मिथक: खून देने से शरीर में भारी कमजोरी आ जाती है।
-
सच्चाई: यह पूरी तरह गलत है। एक बार में व्यक्ति के शरीर से केवल 350 से 450 मिलीलीटर रक्त ही लिया जाता है।
-
शरीर बहुत ही कम समय में इस रक्त की भरपाई कर लेता है। इससे कोई स्थायी कमजोरी नहीं आती और व्यक्ति अपनी सामान्य दिनचर्या तुरंत शुरू कर सकता है।
🩸 एक यूनिट रक्त, कई जिंदगियों का सहारा
आधुनिक चिकित्सा तकनीक के अनुसार आपका एक यूनिट रक्त एक से अधिक लोगों की जान बचा सकता है।
-
एक यूनिट रक्त को लाल रक्त कणिकाओं (RBC), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसिपिटेट में अलग-अलग विभाजित किया जाता है।
-
जहां डेंगू या कैंसर मरीजों के लिए प्लेटलेट्स उपयोगी होती हैं, वहीं अन्य गंभीर बीमारियों में प्लाज्मा का प्रयोग किया जाता है।
🤝 युवाओं और महिलाओं की भूमिका है अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में रक्तदान को एक जनआंदोलन बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे निर्णायक है।
सोशल मीडिया के जरिए युवा तत्काल रक्त की जरूरत को पूरा करने में बड़ा योगदान दे रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को भी आगे आकर इस महादान का हिस्सा बनना चाहिए।
नोट: स्वास्थ्य जगत की अहम जानकारियों, सरकारी अभियानों और जन-जागरूकता से जुड़ी हर खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











