मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) सहित कई निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है।
मुंबई में मूसलाधार बारिश से हाहाकार: LTT स्टेशन परिसर जलमग्न, मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’
THE POLITICS AGAIN डेस्क: मुंबई: संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर मूसलाधार बारिश के आगे बेबस नजर आ रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सबसे ज्यादा खराब हालात कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) रेलवे स्टेशन परिसर के हैं, जहां पानी भर जाने के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बिगड़ते हालात और बारिश के रौद्र रूप को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और ठाणे जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक शहर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें।
4 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 5 जुलाई सुबह 5:30 बजे तक दर्ज किए गए वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है:
विखरोली: 253.0 मिमी (सबसे अधिक)
राम मंदिर क्षेत्र: 252.5 मिमी
सांताक्रूज: 224.5 मिमी
भायखला: 172.5 मिमी
विद्याविहार: 169.0 मिमी
कोलाबा: 165.5 मिमी
सायन: 157.5 मिमी
चेंबूर: 136.0 मिमी
इन आंकड़ों से साफ है कि शहर के अधिकांश हिस्सों में अत्यधिक बारिश हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
जलभराव का सबसे ज्यादा असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली यातायात व्यवस्था और रेलवे पर पड़ा है।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस परिसर में पानी भरने से यात्रियों का स्टेशन तक पहुंचना और बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
सड़कें जलमग्न होने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया है, जिसमें लोग घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं।
मुंबई के अलावा मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किए हैं:
कोंकण क्षेत्र और पुणे घाट (ऑरेंज अलर्ट): इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन (Landslide) की आशंका जताई गई है।
पुणे शहर (येलो अलर्ट): यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें (NDRF/SDRF) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं और संवेदनशील इलाकों में उनकी तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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