लखनऊ: फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध, CM योगी का एलान
लखनऊ: गोमती की बाढ़ से राहत के लिए फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’ जैसा तटबंध, सीएम योगी का बड़ा एलान”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों (विशेषकर गोमती नदी के किनारे) में आई बाढ़ से निपटने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला लिया है।
गोमती नदी की बाढ़ से फैजुल्लागंज से लेकर नैमिष तक के इलाके को हमेशा के लिए सुरक्षित करने के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’ की तर्ज पर एक पक्का और आधुनिक तटबंध बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब (BKT) तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे और दौरा करने के बाद यह बड़ी घोषणा की।
उन्होंने कहा, “तटबंध के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। इसके लिए धनराशि जल्द जारी की जाएगी और मानसून समाप्त होते ही युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।”
तटबंध पर रास्ता और पंपिंग सेट का होगा इंतजाम
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए हैं कि फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती के किनारे का बारीकी से सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया जाए।
इस तटबंध की खासियत यह होगी कि इसके ऊपर आवागमन के लिए एक रास्ता भी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही, तटबंध के बाहर (आबादी की तरफ) बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए अत्याधुनिक पंपिंग सेट (Pumping Sets) लगाए जाएंगे।
जब नदी का जलस्तर बढ़ेगा, तो इन पंपों के जरिए आबादी वाले इलाकों का पानी निकालकर नदी में वापस डाल दिया जाएगा।
राहत सामग्री और शिविरों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीकेटी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री (Relief Kit) वितरित की।
इस किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, आलू, दाल, रिफाइंड तेल, मसाले, तिरपाल, मोमबत्ती और माचिस सहित कुल 26 जरूरी वस्तुएं शामिल हैं।
सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉलों में बने राहत शिविरों में ठहराया जाए।
शिविरों में बच्चों के लिए दूध, गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जनहानि पर तत्काल ₹4 लाख, फसलों का होगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने आपदा के समय सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यदि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली गिरने से किसी की जनहानि होती है, तो उसके परिवार को तत्काल ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जिनके मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया घर मिलेगा।
पानी उतरने के बाद फसलों के नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा (Compensation) भी दिया जाएगा।
स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) और एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोमवार सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी ली है। उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनने को एक स्थायी समाधान बताया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक योगेश शुक्ला, डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी पवन सिंह चौहान और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लखनऊ बाढ़ राहत और तटबंध योजना: एक नजर में
| विषय / घोषणा | महत्वपूर्ण जानकारी |
| नई योजना का नाम | फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे नया तटबंध |
| तटबंध की खासियत | ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा, ऊपर रास्ता और पंपिंग सेट होंगे। |
| राहत सामग्री (Relief Kit) | 26 जरूरी वस्तुएं (आटा, चावल, दाल, तिरपाल आदि)। |
| जनहानि पर आर्थिक मदद | मृतक के परिवार को तत्काल ₹4,00,000 की सहायता। |
| मकान व फसल नुकसान | पीएम/सीएम आवास योजना से घर और फसलों का मुआवजा। |
| सुरक्षा और स्वास्थ्य | स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम, रात में गांवों में पुलिस-पीआरडी की पेट्रोलिंग। |
| मुख्यमंत्री का दौरा | गोमती नदी (BKT और फैजुल्लागंज) का हवाई सर्वे और जनसंवाद। |











