किरेन रिजिजू ने शेयर किया अटल जी का भाषण, कांग्रेस पर तंज
🗣️ अटल जी का 1995 का भाषण शेयर कर रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा: ‘तब भी यही कहते थे- भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्ष पर जोरदार निशाना साधा है।
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का एक ऐतिहासिक वीडियो शेयर किया है।
यह वीडियो साल 1995 का है, जब अटल जी विपक्ष के नेता थे और उन्होंने संसद में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान ईरान के राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफसंजानी की लखनऊ यात्रा पर तीखे सवाल उठाए थे।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं अटल जी के उस भाषण और रिजिजू के तंज के सियासी मायने:
📱 रिजिजू का तंज: ‘कांग्रेसी शासन में भी यही राग था’
किरेन रिजिजू ने अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण का क्लिप शेयर करते हुए अपनी टिप्पणी में सीधे तौर पर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने लिखा:
“कांग्रेस के कार्यकाल में भी, यही लोग कहते थे कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं।”
रिजिजू का यह बयान मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में काफी अहम है, जहां विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर हमलावर रहता है।
🇮🇷 ‘ईरान के राष्ट्रपति को घरेलू मामले में दखल देने के लिए बुलाया गया?’
शेयर किए गए वीडियो में अटल बिहारी वाजपेयी तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार पर जमकर बरसते हुए नजर आ रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति रफसंजानी की यात्रा समाप्त होने के बाद, अटल जी ने संसद में कहा था:
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“वे हमारे आदरणीय मेहमान थे। हम चाहते हैं कि ईरान के साथ हमारे संबंध और भी मैत्रीपूर्ण हों।”
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सांप्रदायिकता भड़काने का आरोप: लेकिन इसके बाद उन्होंने एक दल विशेष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “क्या ईरान के राष्ट्रपति को देश के आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए बुलाया गया था? उनकी लखनऊ यात्रा का एक दल विशेष द्वारा संकुचित लाभ उठाने और सांप्रदायिकता को भड़काने की कोशिश की गई।”
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तिरंगा गायब था: अटल जी ने तत्कालीन पीएम राव से सवाल किया, “क्या प्रधानमंत्री को मालूम है कि जब वो अमौसी हवाई अड्डे से इमामबाड़े तक गए, तो वहां कोई भारत का राष्ट्रीय झंडा नहीं था?”
During the Congress regime also, the same people said that ‘Minorities are not safe in India’ !! pic.twitter.com/IgjwN913gE
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) June 13, 2026
🎙️ वाजपेयी के भाषण का वो अहम हिस्सा
वाजपेयी जी ने अपने भाषण में सबसे बड़ी बात जो कही, वह यह थी:
“ईरान के राष्ट्रपति के सामने यह कहा गया कि देश में अल्पसंख्यक खतरे में हैं और वही अल्पसंख्यकों को बचा सकते हैं। क्या इसलिए ईरान के राष्ट्रपति को लखनऊ ले जाया गया था?”
🕌 क्या हुआ था 1995 में ईरान के राष्ट्रपति की लखनऊ यात्रा के दौरान?
अप्रैल 1995 में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफसंजानी भारत दौरे पर आए थे। उस समय केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव की कांग्रेस सरकार थी।
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शिया आबादी का केंद्र: रफसंजानी लखनऊ गए, जहां शिया मुसलमानों की बड़ी आबादी रहती है। उन्होंने बड़ा इमामबाड़ा में करीब 10,000 लोगों की सभा को संबोधित किया था।
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धर्मनिरपेक्षता की तारीफ: चूंकि यह यात्रा 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के कुछ साल बाद हुई थी, इसलिए एक वर्ग को उम्मीद थी कि वह अल्पसंख्यकों की असुरक्षा पर बोलेंगे।
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लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रफसंजानी ने अपने भाषण में मुसलमानों को भारत में सुरक्षित महसूस करने की बात कही और भारतीय धर्मनिरपेक्षता की खूब तारीफ की थी।
नोट: देश की राजनीति, संसद की बहसों और ऐतिहासिक भाषणों के सियासी मायनों से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











