केएनपीजी कॉलेज बना यूपी का 26वां राज्य विश्वविद्यालय

काशी नरेश कॉलेज बना 26वां राज्य विश्वविद्यालय: 75 साल का सपना हुआ पूरा

“सीएम योगी के वादे और प्रशासन की सक्रियता लाई रंग; जिले के 20 कॉलेज अब होंगे संबद्ध, युवाओं को शोध और रोजगारपरक शिक्षा के लिए नहीं जाना होगा बाहर”

[ब्यूरो रिपोर्ट | ज्ञानपुर/भदोही]

शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए, काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (KNPG) ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह प्रतिष्ठित महाविद्यालय अब उत्तर प्रदेश का 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन गया है।

बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस प्रस्ताव पर अपना अनुमोदन दे दिया, जिसके साथ ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। विधान मंडल के दोनों सदनों से जल्द ही शेष प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।

इस घोषणा के बाद अब जिले के 3 राजकीय महाविद्यालयों सहित कुल 20 महाविद्यालय केएनपीजी कॉलेज से जुड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एक नया केंद्र विकसित होगा।

सीएम योगी का वादा और 50 एकड़ की शर्त

केएनपीजी को विश्वविद्यालय बनाने की मांग दशकों पुरानी थी। 1 अगस्त 1951 को स्थापित इस संस्थान ने उच्च शिक्षा में 75 वर्षों का लंबा सफर तय किया है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के दौरे पर घोषणा की थी कि यदि 50 एकड़ जमीन उपलब्ध हो जाए, तो इसे राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया जाएगा।

सीएम के निर्देश पर जिलाधिकारी शैलेश कुमार और राजस्व टीम ने केएनपीजी की जमीन की पैमाइश कराई। रिपोर्ट में पाया गया कि महाविद्यालय के पास खुद की लगभग 63 एकड़ (जोरई, वेदपुर, ददरहां मिलाकर) जमीन उपलब्ध है। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की टीम के निरीक्षण और कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब राज्यपाल ने भी इसे हरी झंडी दे दी है।

केएनपीजी: एक गौरवशाली सफरनामा

इस संस्थान का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है:

  • 1 अगस्त 1951: काशी नरेश द्वारा आधारशिला रखी गई।

  • संबद्धता का सफर: आगरा विवि (1951-59), गोरखपुर विवि (1959-88), पूर्वांचल विवि (1988-95), काशी विद्यापीठ (1995-2025) और विंध्याचल विवि (2025)।

  • 15 जनवरी 2026: आधिकारिक रूप से 26वां राज्य विश्वविद्यालय घोषित।

क्या सुविधाएं हैं मौजूद?

विश्वविद्यालय बनने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा यहां पहले से मौजूद है:

  • संसाधन: स्मार्ट क्लास, मल्टीपरपज हॉल, ई-लाइब्रेरी, लैब।

  • स्टाफ व छात्र: 117 प्राध्यापक, 89 कर्मचारी और 6000 विद्यार्थी।

  • छात्रावास: आर्यभट्ट, भास्कर और ओबीसी छात्रावास।

  • अन्य: एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स।

प्रतिक्रियाएं: ‘प्रतिभा को मिलेगा नया आयाम’

प्रो. रमेश चंद्र यादव (प्राचार्य): “विश्वविद्यालय बनना बेहद गौरव का विषय है। महाविद्यालय की अब तक की शैक्षणिक यात्रा काफी गौरवशाली रही है। अब विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर बनेंगे।”

शैलेश कुमार (जिलाधिकारी): “राज्यपाल के अनुमोदन के बाद केएनपीजी अब 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन चुका है। इससे जिले के शैक्षणिक परिवेश में सुधार आएगा और युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे।”

छात्रों की आवाज़: एमए छात्र धीरज दुबे और अनुज कुमार ने कहा कि अब गुणवत्तापरक शिक्षा और प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, यह छात्रों के लिए बड़ी राहत है।

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