जौनपुर: अब ‘स्मार्ट’ बनेंगे गांव; बक्शा में प्रधानों को दिया गया ‘मॉडल विलेज’ का मंत्र, इन 9 फॉर्मूलों से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर
“राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत जौनपुर के गांवों को अब ‘मॉडल विलेज’ (आदर्श ग्राम) बनाने की कवायद तेज हो गई है”
जौनपुर (बक्शा): “The Politics Again” वरुण यादव की रिपोर्ट
इसी कड़ी में बक्शा ब्लॉक सभागार में ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के लिए एक विशेष एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को वे तकनीकी और सामाजिक गुर सिखाना था, जिनसे वे अपनी पंचायत को आत्मनिर्भर और विकसित बना सकें।
‘मॉडल गांव’ के 9 रत्न
कार्यशाला का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी (BDO) रामविलास, एडीओ पंचायत रमेश यादव और एडीओ (आरडी) संजय श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित करके किया।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि एक ‘मॉडल ग्राम पंचायत’ तभी बनेगी जब इन 9 बिंदुओं पर काम होगा:
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गरीबी मुक्त और आजीविका उन्नत गांव।
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स्वस्थ गांव।
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बाल मित्र (Child Friendly) गांव।
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महिला हितैषी पंचायत।
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स्वच्छ और हरा-भरा गांव।
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जल युक्त गांव।
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सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव।
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सुशासन वाली पंचायत।
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आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा।
“अंत्योदय परिवारों को समूहों से जोड़ें”
एडीओ (आरडी) संजय श्रीवास्तव ने गरीबी उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रधानों और सचिवों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा,
“स्वयं सहायता समूह (SHG) गरीबी मिटाने का सबसे बड़ा हथियार हैं। सभी पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्डधारकों को तत्काल इन समूहों से जोड़ें, ताकि उनकी आय बढ़ सके।”
पंचायत डेवलपमेंट इंडेक्स की ट्रेनिंग
मास्टर ट्रेनर अभय कुमार और निर्मल कुमार ने उपस्थित लोगों को ‘पंचायत डेवलपमेंट इंडेक्स’ (PDI) के तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया।
इस मौके पर सचिव उमेश सोनकर, शिवानी श्रीवास्तव, प्रियंका यादव, दिनेश यादव और प्रधान ज्योति यादव, राम सिंह, तेजबहादुर, अमरनाथ, निशा देवी सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद रहे।











