FIR against UP State Construction Corporation

जौनपुर DM का ‘हंटर’: मेडिकल कॉलेज निर्माण में देरी पर भड़के, निर्माण निगम के अधिकारियों पर FIR दर्ज करने का आदेश

“जौनपुर के जिलाधिकारी (DM) डॉ. दिनेश चंद्र ने जिले की सबसे महत्वकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना, उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, सिद्दीकपुर के निर्माण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है”

जौनपुर (ब्यूरो): THE POLITICS AGAIN : वरुण यादव की रिपोर्ट 

भुगतान होने के बावजूद काम अधूरा छोड़ने और अस्पताल संचालन में बाधा डालने पर डीएम ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (UPSCCL) के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR (प्राथमिकी) दर्ज करने का आदेश दिया है।

पैसा ले लिया, काम नहीं किया

सोमवार को मेडिकल कॉलेज में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया:

  • दलील: कार्यदायी संस्था (निर्माण निगम) के परियोजना प्रबंधक (सिविल एवं विद्युत) ने काम अधूरा होने के पीछे ‘पैसे की कमी’ (धनाभाव) का हवाला दिया।

  • पोल खुली: बैठक में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने तुरंत स्पष्ट किया कि शासनादेशों के तहत लगभग पूरा भुगतान निर्माण निगम को पहले ही किया जा चुका है।

  • एक्शन: यह सुनते ही डीएम डॉ. दिनेश चंद्र भड़क गए। उन्होंने कहा कि जब पैसा मिल चुका है, तो काम क्यों रुका?

  • उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और सरकारी धन का दुरुपयोग मानते हुए CDO और कॉलेज के प्रधानाचार्य को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया।

हैंडओवर पर भी पेंच

कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर.बी. कमल ने बताया कि बिल्डिंग अधूरी होने के कारण अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।

सेंट्रल एसी (Central AC) और बिजली सबस्टेशन (Substation) के हैंडओवर को लेकर भी विवाद है। प्रधानाचार्य ने साफ किया कि जब तक काम पूरा नहीं होगा, वे हैंडओवर नहीं लेंगे।

इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता (विद्युत) और PWD को संयुक्त भौतिक निरीक्षण (Joint Inspection) कर रिपोर्ट देने को कहा है।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होगा। प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना ही होगा। बैठक में सीएमओ, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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