जौनपुर – जनपद स्तरीय कृषक गोष्ठी का हुआ आयोजन, किसानो को मोटे अनाज के लाभ बताये हाय

“बक्शा ब्लाक के अंर्तगत कृषि विज्ञान केंद्र भवन में त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया”

जौनपुर / बक्शा 31 / 08 / 2024 वरुण यादव की रिपोर्ट 

गोष्ठी में किसानों को बताया गया कि मक्का की खेती अब पूरे वर्ष की जा सकती है। मक्का की खेती के लिए कृषि विशेषज्ञों द्वारा बताए गए तरीके से खेती को तैयार करें और उनमें खाद एवं उन्नत बीज का प्रयोग करें इससे उनके खेतों का फसल अच्छी होगी।

मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आहार व पोषण विशेषज्ञ मोटे अनाजों की खूबियों से इतने प्रभावित हैं कि इन्हें सुपरफूड्स के रूप में मान्यता दे रहे है।

मोटे अनाज, श्री अन्न को एमडीएम में भी शामिल किया जाएगा, जिससे जनपद में मीलेट्स के उत्पादन को बल मिलेगा, मानव स्वास्थ्य बेहतर होगा तथा किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।

मुख्य अतिथि मंत्री किसान मोर्चा काशी क्षेत्र डा. अर्चना शुक्ला ने कहा कि मोटे अनाजों की उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने श्री अन्य योजना का नाम दिया है।

दूसरे अनाजों की तरह ही मोटे अनाज चीला, खीर, खिचड़ी, दलिया, कटलेट, सूप, उपमा, डोसा, इडली, बिस्कुट स्नेक्स, चिक्की आदि रूपो में खाया जा सकता है।

उन्होंने  कहा कि श्री अन्न से बने खाद्यान्न एमडीएम में सम्मिलित किए जाने से बच्चों के वेहतर स्वास्थ्य के साथ मीलेट्स पुनरोद्धार को  बढ़ावा मिलेगा।

वरिष्ठ वैज्ञानिक एव अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार कन्नौजिया ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स रिसर्च (आईआईएमआर) हैदराबाद के अनुसार मोटे अनाज सिलिएक डिजीज के इलाज में लाभ प्रद है।

इसका कारण है मोटे अनाज ग्लूटेन फ्री है। गेहूं में ग्लूटेन नामक तत्व पाया जाता है जिससे कुछ लोगों में सीलिएक बीमारी रोग हो जाता है।

डा. आरके सिंह ने कहा कि विशेषज्ञ मोटे अनाज को मधुमेह और कैंसर रोकने वाले तत्वों से भरपूर मानते हैं, पौस्टिक तत्व भरपूर मात्रा में होने के कारण मोटे अनाज को एनीमिया व कुपोषण की समस्या को दूर करने में सहायक माना जा रहा है।  

आयुर्वेद के अनुसार मोटे अनाज वात एवं कफ दोष को संतुलित करने में सहायक है। विशिष्ट अतिथि गंगा प्रसाद सिंह ने कहा कि मोटे अनाजों में फाइबर की प्रचुरता उन्हें मधुमेह और मोटापे से बताते है।

मोटे अनाजों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है तभी मधुमेह व हृदय रोगियों को खाने की सलाह दी जाती है।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रमुख जय प्रकाश सिंह तथा संचालन उप परियोजना निदेशक आत्मा डा. रमेश चंद्र यादव ने किया। उप कृषि निदेशक हिमांशु पांडेय द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।

इस मौके पर डा. सुरेंद्र प्रताप सोनकर, डा. संदीप कुमार, डा. एके भारद्वाज, डा. अमित कुमार, डा. रत्नाकर पांडेय, डा. हरिओम, डा. राजीव सिंह, डा. रूपेश सिंह, देवराज पांडेय सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहें।

अध्यक्षता जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादण्ड, मुख्यातिथि डॉ अर्चना शुक्ला, क्षेत्रीय मंत्री किसान मोर्चा काशी क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी, गंगा प्रसाद सिंह प्रतिनिधि विधायक रमेशचंद्र मिश्र बदलापुर, जयप्रकाश सिंह राणा पूर्व ब्लाक प्रमुख विशिष्ट अतिथि साई तेजा सीलम मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर के कार्यक्रम का शुरुआत किया गया।

जहॉ पर लोगो द्वारा श्री अन्य योजना के तहत सभी को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सुरेश कनौजिया, डॉ आर के सिंह,डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ राजीव सिंह, डॉ सुरेंद्र प्रताप सोनकर व कार्यक्रम का संचालन रमेशचंद्र द्वारा किया गया काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।